Durga Mata Bhajan

ज्वाला रानी आ गई ओ कांगड़े दे मोड़े मोड़े,
शेरावाली आ गई ओ कांगड़े दे मोड़े मोड़े,

किने सदी ते किने है बुलाई, ते किदे घर आई ओ गई ---2
अस्सां सदी ते संगते बुलाई, ओ भगता घर आई ओ गई---2

ज्वाला रानी आ गई ओ कांगड़े दे मोड़े मोड़े,
शेरावाली आ गई ओ कांगड़े दे मोड़े मोड़े,

क्या तां लांदी हो क्या तां खांदी, हो किदे घर आई ओ गई, ---2
साड़ी लांदी ओ हलवा पूरी खांदी, ओ भगता दे घर आई ओ गई ---2
ज्वाला रानी आ गई ओ कांगड़े दे मोड़े मोड़े,
शेरावाली आ गई ओ कांगड़े दे मोड़े मोड़े,

क्या है मत्थे ते क्या ओदे हत्थे ते क्या दी सवारी किती है ---2
बिंदी मत्थे ते मेंहदी ओदे हत्थे ते शेर सवारी किती है---2

ज्वाला रानी आ गई ओ कांगड़े दे मोड़े मोड़े,
शेरावाली आ गई ओ कांगड़े दे मोड़े मोड़े,

जेहडा़, ताडियां बजावे, ओहदी, लगे हाजिरी ll
लगे हाजिरी, ओ बहनों, लगे हाजिरी ll
जेहडा़, ताडियां बजावे, ओहदी, लगे हाजिरी ll

हाथ में गड़वा, गंगा जल पानी ll
ओ जेहडा़, चरण धुलावे, ओहदी, लगे हाजिरी l
जेहडा़, सत्संग आवे, ओहदी, लगे हाजिरी l
जेहडा़, ताडियां बजावे,,,,,,,,,,,,,,

हाथ कटोरी, केसर रोली ll
ओ जेहडा़, तिलक लगावे, ओहदी, लगे हाजिरी l
ओ जेहडा़, नच के दिखावे, ओहदी, लगे हाजिरी l
जेहडा़, ताडियां बजावे,,,,,,,,,

हाथ में करणी, फुलां नाल भरनी ll
ओ जेहडा़, हार पहनावे, ओहदी, लगे हाजिरी l
ओ जेहडा़, भजन सुनावे, ओहदी, लगे हाजिरी l
जेहडा़, ताडियां बजावे,,,,,,,,,,

हाथ में थाली, जोतां वाली ll
ओ जेहडा़, आरती उतारे, ओहदी, लगे हाजिरी l
ओ जेहडा़, भूल बक्शावे, ओहदी, लगे हाजिरी l
जेहडा़, ताडियां बजावे,,,,,,,,

हाथ में थाली, मेवे मखना वाली ll
ओ जेहडा़, भोग लगावें ओहदी, लगे हाजिरी l
ओ जेहडा़, फुल बरसावे ओहदी, लगे हाजिरी l
जेहडा़, ताडियां बजावे,,,,,,,,,,

हाथ में थाली, पैसेयां वाली ll
ओ जेहडा़, अरदास करावे, ओहदी, लगे हाजिरी l
ओ जेहडा़, दौड़ा दौड़ा आवे, ओहदी, लगे हाजिरी l
जेहडा़, ताडियां बजावे

आई सिंह पे सवार मैया ओढे चुनड़ी,---------ओढे चुनड़ी, मैया ओढे चुनड़ी,----2

आधी शक्ति है मात भवानी जय दुर्गे माँ काली, ------जय दुर्गे माँ काली,---2
बड़े बड़े राक्षस संहारे रण चंडी मतवाली------ रण चंडी मतवाली,---2
करे भगतो का उधार मैया ओढे चुनरी,

आई सिंह पे सवार मैया ओढे चुनड़ी,
आई सिंह पे सवार मैया ओढे चुनड़ी,

महिशासुर सा महाबली देवो को खूब सताया, ------- देवो को खूब सताया,---------2
छीन लिया इन्दर आसान और देवो को मार भगाया,---------देवो को मार भगाया,---------2
करि देवो ने पुकार मियां ओढे चुनरी,

आई सिंह पे सवार मैया ओढे चुनड़ी,
आई सिंह पे सवार मैया ओढे चुनड़ी,

दुर्गा का अवतारा लिया झट महिषासुर संहारी,------महिषासुर संहारी ----------2
दूर किया देवो का संकट लीला तेरी न्यारी,-------लीला तेरी न्यारी,--------2
किया देवो पे उपकार मैया ओढे चुनरी,

आई सिंह पे सवार मैया ओढे चुनड़ी,
आई सिंह पे सवार मैया ओढे चुनड़ी,

जो कोई जिस मंशा से मैया द्वार तिहारे जाते,-------मैया द्वार तिहारे जाते,--------2
हर आशा होती पूरी और मुँह माँगा फल पाता,
तेरा गुण गावे संसार मैया ओढे चुनरी,

आई सिंह पे सवार मैया ओढे चुनड़ी,
आई सिंह पे सवार मैया ओढे चुनड़ी,

भक्ता अंदर जाके देख अंदर जोत जगदी---------2
जगदी बिन बतिया , बिन तेल अंदर जोत जग दी
भक्ता अंदर जाके देख अंदर जोत जगदी--------2

अंदर बैठी ज्वाला माता उसने अपनी जोत जगाई--------2
उसने अपनी जोत जगाई
फिर क्यों करदा मारा मारा
अंदर जोत जग दी

भक्ता अंदर जाके देख अंदर जोत जगदी
जगदी बिन बतिया , बिन तेल अंदर जोत जग दी

अंदर बैठी वैष्णो माता, उसने अपनी जोत जगाई--------2
मैया पिंडी रूप बनाया
अंदर जोत जगदी

भक्ता अंदर जाके देख अंदर जोत जगदी
जगदी बिन बतिया , बिन तेल अंदर जोत जग दी

अंदर बैठी चिंतपूर्णी, उसने अपनी जोत जगाई-------2
मैया सब दिया चिंता हरदी
अंदर जोत जगदी

भक्ता अंदर जाके देख अंदर जोत जगदी
जगदी बिन बतिया , बिन तेल अंदर जोत जग दी

अंदर बैठी नैना माता , उसने अपनी जोत जगाई------2
भक्ता नैना विच बसा लै
अंदर जोत जगदी

भक्ता अंदर जाके देख अंदर जोत जगदी
जगदी बिन बतिया , बिन तेल अंदर जोत जग दी

अंदर बैठी दुर्गा माता , उसने अपनी जोत जगाई------2
ओता सब दिया झोलियां भरदी
अंदर जोत जगदी

भक्ता अंदर जाके देख अंदर जोत जगदी
जगदी बिन बतिया , बिन तेल अंदर जोत जग दी

भक्ता अंदर जाके देख अंदर जोत जगदी

दिया थाली बिच जलता है,-----2
मैया का मंदिर कैसे चमके, जैसे चांद चमकता है।
दिया थाली बिच जलता है ।
मैया का मंदिर कैसे चमके, जैसे चांद चमकता है। ॥

माँ के माथे पे टीका है,-----2
माँ की बिंदिया ऐसे चमके,-----2
जैसे चाँद चमकता है ॥

दिया थाली बिच जलता है,-
मैया का मंदिर कैसे चमके, जैसे चांद चमकता है।

माँ के गले में हरवा है,-----2
माँ के झुमके ऐसे चमकें,-----2
जैसे चाँद चमकता है ॥

दिया थाली बिच जलता है ।
मैया का मंदिर कैसे चमके, जैसे चांद चमकता है।

माँ के हाथों में चूड़ियां है,-----2
माँ के कंगन, मेंहदी ऐसे चमके-----2
जैसे चाँद चमकता है ॥

दिया थाली बिच जलता है ।
मैया का मंदिर कैसे चमके, जैसे चांद चमकता है।

मां के पैरों में पायल हैं,-----2
मां के बिछुए ऐसे चमके,-----2
जैसे चाँद चमकता है ॥

दिया थाली बिच जलता है ।
मैया का मंदिर कैसे चमके, जैसे चांद चमकता है।

माँ के अंग पे साड़ी है,-----2
माँ की चुनरी ऐसे चमके,-----2
जैसे चाँद चमकता है ॥

दिया थाली बिच जलता है ।
मैया का मंदिर कैसे चमके, जैसे चांद चमकता है।

नौ नौ रूप मैया जी के
नौ नौ रूप मैया जी के,
बड़े प्यार लागे,
हो बड़े प्यारे लागे,
सबसे प्यारे माँ के, भवनों के नज़ारे लागे,
हो सबसे प्यारे माँ के, भवनों के नज़ारे लागे।

प्रथम पूजया है शैल पुत्री, दूजी ब्रह्मचारिणी,-----2
भक्त जनो को, भव सागर से पार है उतारनी,-----2
तीनो लोको में मैया के, जय कारे लागे,
जय जय कारे लागे,
सबसे प्यारे माँ के, भवनो के नज़ारे लागे,
नौ नौ रूप मैया जी के, बड़े प्यार लागे।

चंद्रा घंटा मैया का है, तीजा रूप निराला,-----2
कूष्माण्डा ने भक्त जनों की, हर विपदा को टाला,-----2
स्कंद माता पाँचवा पूजन, करने सारे लागे,
हो करने सारे लागे,
सबसे प्यारे माँ के, भवनों के नज़ारे लागे,
नौ नौ रूप मैया जी के, बड़े प्यार लागे।

कात्यायनी पूजन कर लो, पार लगेंगे सारे,-----2
काल रात्रि दुष्ट जनों को, एक पल में संहारे,-----2
माँ का नाम सुमिरे जो, उनके भाग जागे,
हो उनके भाग जागे,
सबसे प्यारे माँ के, भवनो के नज़ारे लागे,
नौ नौ रूप मैया जी के, बड़े प्यार लागे।

महागौरी है रूप आठंवा, जिसने भी है ध्याया,-----2
सिद्धि दात्री रूप में माँ ने, सारा दुख मिटाया,-----2
मंदिर मंदिर देखो, माँ भक्तो के मेले लागे,
भक्तों मेले लागे
सबसे प्यारे माँ के, भवनो के नज़ारे लागे,
नौ नौ रूप मैया जी के, बड़े प्यार लागे।

नौ नौ रूप मैया जी के, बड़े प्यार लागे,
हो बड़े प्यारे लागे,
सबसे प्यारे माँ के, भवनों के नज़ारे लागे,
हो सबसे प्यारे माँ के, भवनों के नज़ारे लागे।

दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ॥
दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ॥
बोलो जय माता दी, जय हो॥
बोलो जय माता दी, जय हो॥

जो भी दर पे आए, जय हो॥
वो खाली न जाए, जय हो॥
सबके काम है करती, जय हो॥
सबके दुखरे हरती, जय हो॥

मैया मेरी शेरोवाली, जय हो॥
भरदे झोली खाली, जय हो॥
मैया मेरी शेरोवाली, जय हो॥
भरदे झोली खाली जय हो॥
दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ॥

सारे जग को खेल खिलाये , जय हो॥
बिच्डो को जो मिलाये , जय हो॥
पूरे करे अरमान जो सारे, जय हो॥
देती वरदान जो सारे , जय हो॥

दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ॥

सोनी जी सोनी मेरी मां नी मैं वारी जावा
उस तो वी सोना ओंदा नाम नी मैं वारी जावा

मैया की चुनरी सोनी ओ वी सितारों वाली,
गोटे ने लाई है बहार नी मैं वारी जावा

मैया की बिंदिया सोनी मैया दे कुंडल सोने,
नथनी पे छाई है बहार नी मैं वारी जावा

मैया का हार सोना मैया का चुड़ा सोना,
मेहंदी पे छाई है बहार नी मैं वारी जावा

मैया की पायल सोनी मैया दे बिछुए सोने,
घुंघरू दी होवे झंकार नी मैं वारी जावा

जोतां जग गईयां, मंदिरां च तेरे ॥
मां तैनूं किन्नी, देर लग्गनी ।
ऐथे संगतां ने, ला लए ने डेरे ।
मां तैनूं किन्नी, देर लग्गनी ।
जोतां जग गईयां, मंदिरां...

कीता ए आवाहन तेरा, छैणियां दे नाल मां ।
गणपति पूज लिया, श्रद्धा दे नाल मां ॥
अखां हुण पई, राह तेरी टेरे ।
मां तैनूं किन्नी, देर लग्गनी...
जोतां जग गईयां, मंदिरां...

कदों दी उडीक तेरे, बच्चियां ने लाई ए ।
तेरे दरस दी मां, आस लगाई ए ॥
लाए भेटां अते, फुल्लां वाले सेहरे ।
मां तैनूं किन्नी, देर लग्गनी...
जोतां जग गईयां, मंदिरां...

पल पल लंघ रही ए, जागे वाली रात मां ।
करनी मैं कोल बहि के, तैथों गल्ल बात मां ॥
छेती आजा पहिलां, होण तों सवेरे ।
मां तैनूं किन्नी, देर लग्गनी...
जोतां जग गईयां, मंदिरां...

ਨਾ, ਰੋਲ਼ ਮਾਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼, ਗਈ ਆਂ, ਤੇਰਾ, ਦਰਬਾਰ, ਭੁੱਲ ਗਈ ਆਂ ॥
ਮੈਂ, ਰੁੱਲ ਗਈ ਆਂ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼ ਗਈ ਆਂ,
ਤੇਰਾ, ਦਰਬਾਰ, ਭੁੱਲ ਗਈ ਆਂ ॥
ਨਾ, ਰੋਲ਼ ਮਾਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼...

ਮੈਂ ਗੁੰਨ੍ਹਾਂ, ਆਟਾ, ਬਣਾਵਾਂ, ਫ਼ੁੱਲਕੇ ॥
ਪਤਾ ਨੀ, ਮੇਰੀ ਮਾਂ, ਕੇਹੜੇ ਮੁੱਲਖ਼ੇ ॥
ਨਾ, ਰੋਲ਼ ਮਾਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼...

ਮੈਂ ਗੁੰਨ੍ਹਾਂ, ਆਟਾ, ਬਣਾਵਾਂ, ਪੂਰੀਆਂ ॥
ਪਤਾ ਨੀ, ਮੇਰੀ ਮਾਂ, ਏਹ ਕੇਹੜੀ ਦੂਰੀਆਂ ॥
ਨਾ, ਰੋਲ਼ ਮਾਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼...

ਮੈਂ ਲਾਵਾਂ, ਚਾਬੀ, ਮੈਂ ਖੋਲ੍ਹਾਂ, ਜਿੰਦਰੇ ॥
ਪਤਾ ਨੀ, ਮੇਰੀ ਮਾਂ, ਤੂੰ ਕੇਹੜੇ ਮੰਦਰੇ ॥
ਨਾ ਰੋਲ਼, ਮਾਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼...

ਮੈਂ ਜਾਵਾਂ, ਮੰਡੀ, ਲਿਆਵਾਂ, ਪਰਨੇ ॥
ਤੂੰ ਦੇਖ, ਮੇਰੀ ਮਾਂ, ਮੈਂ ਆ ਗਈ, ਸ਼ਰਣੇ ॥
ਨਾ ਰੋਲ਼, ਮਾਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼...

ਮੈਂ ਜਾਵਾਂ ਮੰਡੀ, ਲਿਆਵਾਂ, ਛੁਆਰੇ ॥
ਤੂੰ ਦੇਖ, ਮੇਰੀ ਮਾਂ, ਮੈਂ ਆ ਗਈ, ਦਵਾਰੇ ॥
ਨਾ, ਰੋਲ਼ ਮਾਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼...

ਮੈਂ ਜਗਾਵਾਂ, ਜੋਤੀ, ਕਰਾਂ ਮਾਂ ਪੂਜਾ ॥
ਮਾਂ ਤੇਰੇ, ਦਰਬਾਰ, ਜੇਹਾ ਨਾ ਦੂਜਾ ॥
ਨਾ, ਰੋਲ਼ ਮਾਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼...

ਮੈਂ ਗਾਵਾਂ, ਭੇਟਾਂ, ਸੁਣਨ ਸੰਗਤਾਂ ॥
ਜੈਕਾਰਿਆਂ, ਦੇ ਨਾਲ, ਮਾਤਾ ਦੇ ਭਗਤਾਂ ॥
ਨਾ, ਰੋਲ਼ ਮਾਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼...

ਮੈਂ ਮੰਗਾਂ, ਮਾਫ਼ੀ, ਤੂੰ ਮਾਫ਼ ਕਰਦੇ ॥
ਮੇਰੀ, ਅਰਦਾਸ, ਪੂਰੀ ਕਰਦੇ ॥
ਨਾ, ਰੋਲ਼ ਮਾਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲ਼...

ਨਾ ਰੋਲ ਮਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲਣਾ ਨਹੀਂ, ਤੇਰਾ ਦਰਬਾਰ ਭੁੱਲਣਾ ਨਹੀਂ।
ਮੈਂ ਰੁਲਣਾ ਨਹੀਂ, ਮੈਂ ਭੁੱਲਣਾ ਨਹੀਂ, ਤੇਰਾ ਦਰਬਾਰ ਭੁੱਲਣਾ ਨਹੀਂ।
ਨਾ ਰੋਲ ਮਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲਣਾ ਨਹੀਂ, ਤੇਰਾ ਦਰਬਾਰ ਭੁੱਲਣਾ ਨਹੀਂ।

ਮਾਂ ਤੂੰ ਹੀ ਦੁਰਗਾ ਤੇ ਤੂੰ ਹੀ ਚੰਡੀ ਏ,
ਮਾਂ ਲਾਏ ਡੇਰੇ ਤੂੰ ਬਨ ਖੰਡੀਆਂ।
ਮਾਂ ਬਗਲਾਮੁਖੀ, ਮੈਂ ਰੁਲਣਾ ਨਹੀਂ, ਤੇਰਾ ਦਰਬਾਰ ਭੁੱਲਣਾ ਨਹੀਂ।

ਨਾ ਰੋਲ ਮਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲਣਾ ਨਹੀਂ, ਤੇਰਾ ਦਰਬਾਰ ਭੁੱਲਣਾ ਨਹੀਂ।

ਹਾਂ, ਜੋ ਵੀ ਤੇਰੇ ਦਰ ਤੇ ਆਵੇ ਅੰਮਿਏ,
ਹਾਂ, ਮੰਗੀਆਂ ਮੁਰਾਦਾਂ ਪਾਵੇ ਅੰਮਿਏ।
ਮਾਂ, ਜਗ ਤੇ ਤੇਰੀ ਕੋਈ ਤੁਲਨਾ ਨਹੀਂ, ਤੇਰਾ ਦਰਬਾਰ ਭੁੱਲਣਾ ਨਹੀਂ ।

ਨਾ ਰੋਲ ਮਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲਣਾ ਨਹੀਂ, ਤੇਰਾ ਦਰਬਾਰ ਭੁੱਲਣਾ ਨਹੀਂ ।

ਮਾਂ, ਰੰਗ ਪੀਲਾ ਹੈ ਤੇਰੇ ਦਰ ਦਾ, ਮਾਂ, ਹਾਜ਼ਰੀ ਜਿੱਥੇ ਵੀ ਭਗਤ ਭਰਦਾ।
ਮਾਂ, ਗਲ ਨਾਲ ਲਾ, ਮੈਂ ਰੁਲਣਾ ਨਹੀਂ, ਤੇਰਾ ਦਰਬਾਰ ਭੁੱਲਣਾ ਨਹੀਂ।

ਨਾ ਰੋਲ ਮਈਏ, ਮੈਂ ਰੁਲਣਾ ਨਹੀਂ, ਤੇਰਾ ਦਰਬਾਰ ਭੁੱਲਣਾ ਨਹੀਂ।

तेनु चांदी दिया झांझरा पवावां, घर मेरे आजा दातिए
आजा दातिए फेरा पा जा दातिए -
तैनू चादी दिया झाझरा पवावां
घर मेरे ...

घर मेरेआजा तेरीज्योत जगावंगी
चंदन दी चौंकी उत्ते आसन लगांवांगी
तैनू सोहनी - सोहनी भेंट सुनावां,
घर मेरे आजा दातिए,
तैनू चांदी दियां झांझरा पवावां

घर मेरे आजा तैनू चौला में पवांगी
लाल-लाल चुड़ा तेरी बाहां बिच पावांगी
तेरी चुनरी नु लावां में किनारी,
घर मेरे आजा दातिए
तैनू चांदी दियां झांझरा पवावां

कंजका दा रूप बन घर मेरे आजा मां,
संगतां दा हर इक दुखड़ा मिटा जा मां,
तेरा रज-रज शुक्र मनावां
घर मेरे मेरे आजा दातिए
तैनू चांदी दियां झांझरा पवावां

हलवा ते पूरी दा पोंग लगावा मां
कंजका बुला के तेरे चरण धुआवां मां
मुंहो मंगिया मुरादा पावा
घर मेरे आजा दातिए ,
आजा दातिए फेरा पाजा दातिए
तैनू चांदी दियां झांझरा पवावां

बुहा खोल माँ बह जा कोल माँ,
मैनु तेरे सहारे दी है लोड़ माँ....

हे जग जननी भुल ना जावीं,
भुलीया नु मां रस्ते लावी, रस्ते लावी,
बुहा खोल माँ बह जा कोल माँ,
मैनु तेरे सहारे दी है लोड़ माँ....

हे जग जननी पास बुलाले,
पास बुलाके मैनु गल नाल लाले, गल नाल लाले,
बुहा खोल माँ बह जा कोल माँ,
मैनु तेरे सहारे दी है लोड़ माँ....

ए दुनिया है खेल तमाशा,
पल विच तोला, पल विच माशा, पल विच माशा,
बुहा खोल माँ बह जा कोल माँ,
मैनु तेरे सहारे दी है लोड़ माँ....

इस दुनिया के लोग निराले,
तन दे उजाले मन दे काले, मन दे काले,
बुहा खोल माँ बह जा कोल माँ,
मैनु तेरे सहारे दी है लोड़ माँ....

जग जननी तेरी मैं जाइ,
समझी ना मैनु पराई, मैनु पराई,
बुहा खोल माँ बह जा कोल माँ,
मैनु तेरे सहारे दी है लोड़ माँ..

जब जब भी पुकारू माँ तुम दौड़ी चली आना,
पल भी ना रुकना माँ मेरा मान बड़ा जाना....

नवरात्रों में मैया तेरी ज्योत जलाउंगी,
जब ज्योत जले मैया आके दरश दिखा जाना,
पल भी ना रुकना माँ मेरा मान बड़ा जाना.....

सावन के महीने में तेरा झुला डालुंगी,
जब झुला डलेगा मैया जरा झूलन आ जाना,
पल भी ना रुकना माँ मेरा मान बड़ा जाना…….

फागुन के महीने में तेरा कलश भराउंगी,
जब रंग धुलेगा माँ तुम खेलन आ जाना,
पल भी ना रुकना माँ मेरा मान बड़ा जाना.....

बीच भवर में माँ मेरी नैया डोल रही,
तुम नैया को आकर माँ जरा पार लगा जाना,
पल भी ना रुकना माँ मेरा मान बड़ा जाना……

जब जब भी पुकारू माँ तुम दौड़ी चली आना,
पल भी ना रुकना माँ मेरा मान बड़ा जाना……

अज मेरी माँ ने आउणा ए सारी संगत जय जय बोलो
अज मेरी माँ ने आउणा ए सारी संगत जय जय बोलो
मेहरावाली ने आउणा ए सारी संगत जय जय बोलो
अज मेरी माँ ने आउणा ए....

जिस रस्ते मेरी माँ ने आउणा अखियाँ दा फर्श बिछावां-2
कोल बिठा के जगजननी नु दिल दा हाल सुनावा
नी मैं हाल सुनाना ए सारी संगत जय जय बोलो
मेहरावाली ने आउणा ए सारी संगत जय जय बोलो
अज मेरी माँ ने आउणा ए....

छनक रही तेरी पैरा दी झांझर छनक रहेया तेरा चूड़ा-2
अपने नाम दा रंग चढ़ाई रंग चढ़ाई गुड़ा-2
नी मैं रंग चढ़ाना ए सारी संगत जय जय बोलो
अज मेरी माँ ने आउणा ए....

जो मैं मंगा सौ तू देवे मुँह बोला ईक वारी-2
मैं ता सारी जिंदगी मईया तेरे उते वारी-2
मैं ता सब कुछ पाणा ए सारी संगत जय जय बोलो
अज मेरी माँ ने आउणा ए....

अपने चरणा दे विच रखी मैनु जिंदगी सारी-2
मैं ता सारी जिंदगी मैया तेरे उते वारी-2
नी मैं ता सब कुछ पाऊंणा ए सारी संगत जय जय बोलो
अज मेरी माँ ने आउणा ए....

घर घर तेरियां कंजका आईया हो रहे जगराते-2
मैं वी नच नच खुशी मनावां बजन बैंड ते बाजे-2
मैं ते नचना गाउणा ए सारी संगत जय जय बोलो
अज मेरी माँ ने आउणा ए....

लाल रंग चढ़ेया, गुलाबी रंग चढ़ेया,
चढ़ेया चढ़ाया जेहड़ा श्याम दे मंदिर आया, ओनु लाल रंग चढ़ेया,
लाल रंग चढ़ेया, गुलाबी रंग चढ़ेया....

ऐ रंग मीराबाई जी नू चढ़ेया,
मीरा करे कलोल, मेरे श्याम मेरे कोल,
मैनू होर किसे दी ना लोड, मैनू लाल रंग चढ़ेया,
लाल रंग चढ़ेया, गुलाबी रंग चढ़ेया.....

ऐ रंग भीलनी माई जी नू चढ़ेया,
भीलनी करे कलोल, मेरे राम मेरे कोल,
मैनू होर किसे दी ना लोड, मैनू लाल रंग चढ़ेया,
लाल रंग चढ़ेया, गुलाबी रंग चढ़ेया.....

ऐ रंग धन्ने जाट जी नू चढ़ेया,
धन्ना करे कलोल, मेरे श्याम मेरे कोल,
मैनू होर किसे दी ना लोड, मैनू लाल रंग चढ़ेया,
लाल रंग चढ़ेया, गुलाबी रंग चढ़ेया...

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने, दरबार लगाया है ।
चलो बुलावा आया है,माता ने बुलाया है ।

सारे जग मे एक ठिकाना, सारे गम के मारो का,
रास्ता देख रही है माता, अपने आंख के तारों का ।
मस्त हवाओं का एक झोखा, यह संदेशा लाया है ।

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है । जय माता दी॥

जय माता की कहते जाओ, आने जाने वालो को,
चलते जाओ तुम मत देखो, अपने पीछे वालों को ।
जिस ने जितना दर्द सहा है, उतना चैन भी पाया है ।

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
जय माता दी॥

वैष्णो देवी के मन्दिर मे, लोग मुरादे पाते हैं,
रोते रोते आते है, हस्ते हस्ते जाते हैं ।
मैं भी मांग के देखूं, जिस ने जो माँगा वो पाया है ।

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है । जय माता दी॥

चलो चलिए गुलाबी रुत्तं आईआं ,
सानु माता ने चिट्ठियां पाईआं,

माँ मेरी दे खेल न्यारे,
स्वर्गो सोहने माँ दे द्वारे,
झंडे झूलन खरकन टल्लीआं,
सांगता दे नाल सांगता रलिईआं,
लम्बे रस्ते ते ऊँची च
ढ़ाइयां,
सानु माता ने चिट्ठियां पाईआं,

चलो चलिए गुलाबी रुत्तं आईआं ,
सानु माता ने चिट्ठियां पाईआं,

सर ते चुनिया सुहे तने,
बन्न के तुर पे माँ दे दीवाने,
एक दूजे तो प्यार लुटांडे,
जय माता दी करदे जांदे,
लाल तेरे ते लालीआं छईआं ,
सानु माता ने चिट्ठियां पाईआं,

चलो चलिए गुलाबी रुत्तं आईआं ,
सानु माता ने चिट्ठियां पाईआं,

नच नच सरे माँ न मनाईये,
माँ भोली तो सदके जाइए,
कर्मा वालिया माँ दिया राहां,
सांगता दर्शन नू आईआं,
आज साबना ने खुशियां मना ईआं ,
सानु माता ने चिट्ठियां पाईआं,

चलो चलिए गुलाबी रुत्तं आईआं ,
सानु माता ने चिट्ठियां पाईआं,

मिल जाइये कंजक भोली,
उचा निवा ना तू बोली,
मियां दरस दिखा सकदी है,
कंजक रूप विच आ सकदी है,
गला कियां ने पार लगिया,
सानु माता ने चिट्ठियां पाईआं,

चलो चलिए गुलाबी रुत्तं आईआं ,
सानु माता ने चिट्ठियां पाईआं,

बेठी मियाँ खोल पंधारे,
मेहरा दे पाई शिते मरे,
दर्शी सबदे काज सवारे,
इक दो नी लाखा तारे,
इथे झोलियाँ ने सब ने फ़रिया,

चलो चलिए गुलाबी रुत्तं आईआं ,
सानु माता ने चिट्ठियां पाईआं,

ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...
फुला दिया क्यारिया च रहंदी मेरी मां..
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...

सोने की गड़वी में गंगाजल पानी...
चरण धुलाने बेला आया मेरी मां...
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...

घिस घिस चंदन भरूं मैं कटोरा...
तिलक लगाने बेला आया मेरी मां...
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...

चुनचुन कलियों में हार परोआं...
हार पहनाने बेला आया मेरी मां...
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...

सोने की थाली में माखन मिसरी ...
भोग लगाने बेला आया मेरी मां...
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...

बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा
जयकारा शेरावाली दा जयकारा मेहरावाली दा
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा

मां मेरी दी जगदी ज्योति
ना कोई दीवा ना कोई बाती
देखो भक्तों नजारा शेरावाली दा
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा

मां मेरी दी लाल लाल साड़ी
उत्ते लगी पीली किनारी
देखो भक्तों लश्कारा शेरावाली दा
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा

मां मेरी ने पिंगा पाइया
राल मिल बहना झूठन आईया
ले लो भक्तो हुलारा शेरावाली दा
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा

मां मेरी दे खुले भंडारे
रल मिल झोलियां भर लो सारे
खुला भगतो भंडारा शेरावाली दा
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
ज्योता वालिये, पहाड़ा वालिये, मेहरा वालिये ॥

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
सारा जग है इक बंजारा, सब की मंजिल तेरा द्वारा ।
ऊँचे परबत लम्बा रास्ता, पर मैं रह ना पाया, शेरा वालिये ॥
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥ मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।

सूने मन में जल गयी बाती, तेरे पथ में मिल गए साथी ।
मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू, मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू,
बिन मांगे सब पाया, शेरा वालिये ॥
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥ मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।

कौन है राजा, कौन भिखारी,
एक बराबर तेरे सारे पुजारी ।
तुने सब को दर्शन देके, तुने सब को दर्शन देके, अपने गले लगाया, शेरा वालिये ॥
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥ मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये । प्रेम से बोलो, जय माता दी ॥ सारे बोलो, जय माता दी ॥
आते बोलो, जय माता दी ॥ जाते बोलो, जय माता दी ॥
कष्ट निवारे, जय माता दी ॥ पार निकले, जय माता दी ॥
देवी माँ भोली, जय माता दी ॥ भर दे झोली, जय माता दी ॥
वादे के दर्शन, जय माता दी ॥ जय माता दी, जय माता दी ॥ ।

तैनु किथे मैं बिठावां ज्योता वालिये की, घर मेरा निक्का जेहा
घर मेरा निक्का जेहा
की घर मेरा निका जेहा तेनु किवे मैं मनावा ज्योता वालिये की घर मेरा निक्का जेहा.,
तेनु किथे मैं बिठावा…

दिल करदा तेरा मंदिर बनावा माँ
ओहदे विच सोहनी तेरी मूरत सजावा माँ
नाले चोकी माँ सजावा ज्योता वालिये की घर मेरा निक्का जेहा ,
तेनु किथे मैं बिठावा…

दिल करदा माँ तेरा जागरण करावा माँ
घर अपने माँ भगत बुलावा माँ
करा दर्शन तेरा मैया ज्योता वालिये की घर मेरा निक्का जेहा
तेनु किथे मैं बिठावा…

जे मेरी मैया जी ने घर मेरे औना ऐ,
रज रज माँ दा मैं दर्शन पाऊन ऐ,
मैं ता ज्योत जगावा ज्योता वालिये की घर मेरा निक्का जेहा
तेनु किथे मैं बिठावा…

दिल वाली पालकी च तेनु माँ बिठावा
रज रज मैया मैं ता दर्शन पावा
मैं ता वारी वारी जावा ज्योत वालिये की घर मेरा निक्का जेहा
तेनु किथे मैं बिठावा…

त्रिकुटा पहाड़ा विच शेरावाली वसदी,
ओ चरने च वगदी ऐ गंगा,
ओ पहाड़ावाली भवन तेरा बड़ा चंगा
त्रिकुटा पहाड़ा विच शेरावाली वसदी......

बाण गंगे दा ठंडा मीठा पानी,
चरण पादुका मां ज्योत जगानी ,
आदकुवारी गर्भ जून लंगदी,
झूलदा ए लाल लाल झंडा

त्रिकुटा पहाड़ा विच शेरावाली वसदी......

हाथी मत्थे दिया चढ़ीये चढ़ाईयां,
संगता सांझी छत चली आईयां ,
बगे बगे शेर ते शेरावाली हंसदी,
झूलदा ए लाल लाल झंडा

त्रिकुटा पहाड़ा विच शेरावाली वसदी......

बाग मैया तेरे कोयल बोले,
दर्शन दे मां तन मन डोले,
द्वार मैया तेरा सोहना सजदा,
झूलदा ए लाल लाल झंडा

त्रिकुटा पहाड़ा विच शेरावाली वसदी......

मेरा नचने नू करदा जी, जी माँ शेरावालिये,
जी माँ शेरावालिये, जी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......

चांदी दी थाली विच, ज्योत मैं जगाउंदी आ,
पावा विच देसी घी, घी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......

हो लाल चुनरिया, सुनहेरी घोटे वाली,
मैं तैनू चढ़ावांगी, जी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......

हो जम्मू शहर तो मैं, चूड़िया मँगवाउंदी आ,
मैं तैनू चढ़ावांगी, जी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......

हो कोरे कोरे कुज्जे विच दही मैं जमाउंदी आ,
तैनू भोग लगावांगी, जी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......

हो जम्मू शहर तो चोला मँगवाउंदी आ,
तैनू पहनावांगी, जी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......

बच्चियां ने आसा माये, तेरे उत्ते रखिया,
बिन मावा दे बच्चियां दा की, की माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......

मैया का चोला है रंगला, शेरोवाली का चोला है रंगला,
मेहरोवाली का चोला है रंगला, जोतावाली का चोला है रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला, माँ वैष्णो का चोला है रंगला,
हो मैया का लाल, चोला है रंगला रंगला, रंगला रंगला,
मैया का चोला है रंगला, अंबे रानी का चोला है रंगला ॥

सुवा चोला अंग बिराजे,
लगी किनारी लाल चोला है रंगला,
मैया का चोला हैं रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला ॥

सिर सोने का छत्र बिराजे,
हिरे अपरम्पार चोला है रंगला,
मैया का चोला हैं रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला ॥

अश्विन चैत महीना आवे,
चले पवन की चाल चोला है रंगला,
मैया का चोला हैं रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला ॥

पान सुपारी ध्वजा नारियल,
माँ की भेंट चढ़ा के चोला है रंगला,
मैया का चोला हैं रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला ॥

शेरोवाली माता मेरी,
मेहरोवाली माता मेरी,
सबको करे निहाल चोला है रंगला,
मैया का चोला हैं रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला ॥

कालेया कागा मीठा मीठा बोल, आज मेरी मैय्या ने आणा है
आज मेरी मैय्या ने औणा है, आज महाकाली ने औणा है

क्या है निशानी मेरी मैय्या दी,
ओ सिरे दिया चुनियां लालो लाल
यही है निशानी मेरी मैय्या दी,
कालेया कागा मीठा मीठा बोल

क्या है निशानी मेरी मैय्या दी,
ओ माथे दिया बिंदिया लालो लाल
यही है निशानी मेरी मैय्या दी,
कालेया कागा मीठा मीठा बोल

क्या है निशानी मेरी मैय्या दी,
ओ गले दा ये हार लालो लाल
यही है निशानी मेरी मैय्या दी,
कालेया कागा मीठा मीठा बोल

क्या है निशानी मेरी मैय्या दी,
ओ अंगे दिया साड़ियां लालो लाल
यही है निशानी मेरी मैय्या दी,
कालेया कागा मीठा मीठा बोल

क्या है निशानी मेरी मैय्या दी,
ओ बाहिं दिया चूड़ियां लालो लाल
यही है निशानी मेरी मैय्या दी,
कालेया कागा मीठा मीठा बोल

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।
ज्योत जगा के, सर को झुका के,
मैं मनाऊंगी, दर पे आउंगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥

संतो महंतो को बुला के घर में कराऊं जगराता।
सुनती है सब की फ़रिआदे, मेरी भी सुन लेगी माता।
झोली भरेगी, संकट हरेगी,
भेटा गाऊँगी, मैं मनाऊंगी,
भेटें गाऊँगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥

भवन तेरा है सब से ऊँचा माँ, और गुफा तेरी नयारी।
भाग्य विदाता ज्योता वाली माँ, कहती है दुनिया सारी।
दाति तुम्हारा, ले के सहारा,
मैं दर पे आउंगी, मैं भेटे गाऊँगी,
मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥

कृपा करो वरदानी माँ, छाया है गम का अँधेरा।
तेरे बिना मेरा कोई ना, मुझ को भरोसा है तेरा।
दाति तुम्हारा, ले के सहारा,
दर पे आउंगी, मैं भेटे गाऊँगी,
मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥

कदे बोल वे बनेरे उते कावा, मैं अरज सुनावा,
वे एक वारी मैया नु मिला दे, मेरी मैया नु ,
तेनु कूट कूट चुरिया पावा कदे ना पुलावा,
वे एक वारी मैया नु मिला दे, मेरी मैया नु ,

बहुत चिरा तो प्यासिया अखियाँ,
दिल दे विच कई आसा राखियाँ,
होण मेरे ते ठंडिया छावा ,मैं देवागी दुआवा,
वे एक वारी मैया नु मिला दे, मेरी मैया नु ,
कदे बोल वे बनेरे उत्ते कावां .......

जेडे मैया दा दर्शन कर गए,
ओह ता भव सागर तो तर गए,
मैया नु मैं हर पल चावा, मैं नित महिमा गावा,
वे एक वारी मैया नु मिला दे, मेरी मैया नु ,
कदे बोल वे बनेरे उत्ते कावां ............

नैन मेरे जे दर्शन पावन,
मेरे वी दुःख कटे जावन,
मैया तेरी ताकदी राहवा , वे सचिया सुनावा,
वे एक वारी मैया नु मिला दे, मेरी मैया नु ,
कदे बोल वे बनेरे उत्ते कावां ...........

चल संगते मां दे दर चलिए
चिट्ठी मां दे मंदिर तो आई हुई ए,
मेरी मैया शेरावाली दी
कई दिना तो आस लगाई हुई ए

जेडे जाण मैया दे द्वारे सबना दे काज सवारे,
मेरी मैया शेरावाली लक्खा दे कष्ट निवारे,
ओ करदी बेड़ा पार ओदा
जिने प्रीत मैया नाल पाई होई ए

छड कम काज तू घर दे ऐ कम कदे नहीं मुकने,
मां की ममता दे कर्जे , कई जन्म जन्म नहीं चुकने,
मां करदी बेड़ा, पार ओदा
जिने प्रीत मैया नाल लाई हुई ए

अज दर्श मैया दे होने जन्मा दे पाप घटोने,
टल जाण दुखा दिया घड़ियां हुण दिन खुशियां दे आणे,
कई वारी विनती कीती ए
बड़ी मुश्किल नाल सुनाई होई ए

रंग बरसे, रंग बरसे दरबार मैया जी तेरे रंग बरसे ।

उचेया पहाडा दिया ठंडिया हवावा,
सुरगा नु जांदिया ने मंदिरा चो राहवा ।
भागता दा करदी उद्धार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥

उचेया पहाडा विच भक्ता दी टोली,
रेहमता दे बैठी ए द्वार दाती खोली ।
मांग के ता देख इक वार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥

उचेया पहाडा विच बदला दे टुकड़े,
जेहडा वि सुनावे दाती सुनदी है दुखड़े ।
कटदी कलेश हजार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥

उचेया पहाडा विच फुल रंग रंग दे,
दें वाली इक है ते लख्खां लोकी मंगदे ।
फेर वी ना मुकदे भण्डार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥

कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,
लामियां वाहवा करके ठंडिया छावा करके,
कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,

मैं ता जाना माता दे मंदिर चाहे करदे जिला अंदर,
चाहे करदे जिला अंदर, ताला लगदा नहियो ,
कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,

मैं ता जाना माता दे दरबार चाहे मार देवे तलवार,
चाहे मार देवे तलवार साहनु लग दी नहियो
कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,

मैं ता जाना माता दे कॉल चाहे मार देवे पिस्तौल,
चाहे मार देवे पिस्तौल गोली लग दी नहियो,
कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके

मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया,
मैं चढ़दी जावा माँ सुंदर पहाड़िया,
तेरियां पहाड़िया , तेरियां पहाड़िया , तेरियां पहाड़िया माँ........

जद मैं पौंची कटरा शहर मिल गैयाँ माँ संगता प्यारियां,.
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया..

जद मैं पोहंची वान गंगा ला लाइया माँ रज रज ताड़ियाँ, .
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया..

जद मैं पौंची चरण पादुका मिल गैयाँ माँ तेरियां निशानियाँ, .
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया.....

जद मैं पौंची आध कवारी लंग गई आ माँ गरव प्यारीया, .
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया...

जद मैं पौंची गुफा दे अंदर हो गैयाँ माँ सब आसा पुरियां, .
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया.

माँ तुरैया नहीं जांदा सोन दा मेला आ गया,
मैं आप बुलवागी तू क्यों भगता घबरा गया

ऊंचे ऊंचे पर्वत कठिन चड़ाइया दिल मेरा घबरा गया
मै बाह फडलांगी तू क्यों भगता घबरा गया

पैसा मेरे कोल नहीं मा केडे बहाने आवा
मैं भंडारे भर दयागी तू क्यों भगता घबरा गया

घर वाले मेनू आण ना देवण, देवण मेनू ताने
मै चिट्टियां पा देयागी तू क्यो भगता घबरा गया

तेरी गुफा दे अंदर हनेरा मेनू डर पया लगदा
मैं जोत जगा दयागी तू क्यो भगता घबरा गया

मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे,
इक वार तू दर्श दिख दे सारियां नु तार दे
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे

चिंता सब दी दूर करे माँ चिंतापुरनी नाम तेरा
सब दियां आसा पुरियां करदी सब तो उचा नाम तेरा
सूरज चन सितारे दाती झुकन तेरे दरबार ते,
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे

दुरो दुरो संगता आइआ दर्शन तेरा पावन लाई,
पान सुपारी ध्वजा नारियल तेरी भेट चड़ावन लई
फुला वाले हार लाइऐ तेरे दरबार ते,
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे

उचे पहाड़ी आसन तेरा जगमग ज्योती जग दी ऐ,
भगता नु जद तारदी मैया बड़ी प्यारी लगदी ऐ,
सारियां नु तार आई सहनु वी हूँ तार दे,
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे

इस जग दी ठुकराई हां मैं अपने चरनी ला लै माँ
प्यारी नाल मेरा हथ पकड़ के आपने कोल बिठा लै माँ
गोदी विच बिठा के मेनू मावा वाला प्यार दे
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे

मैया जग दाता दी, कह के जय माता दी,
तुरिया जावीं देखी पैंडै तो ना घबरावीं।

पहला दिल अपना साफ बनाले,
फिर मैया नू अरज सूना लै।
मेरी शक्ति वदा, मैनू चरना ना ला, कहंदा जावीं,
देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥

औखी घाटी ते पैंडा अवल्डा,
ओहदी श्रद्धा दा फड लै तू पलड़ा।
साथी रल जाणगे, दुखड़े टल जानगे, भेतां गावीं,
देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥

तेरा हीरा जनम अनमोला,
मिलना मुड मुड़ ना मानुष दा चोला।
धोखा ना खा लवीं, दाग ना ला लवीं, बचदा जावीं,
देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥

पहला दर्शन है कौल कण्डोली,
दूजी देवां ने भर ली है झोली।
आध्कवारी नू जगत महतारी नू सर झुकावीं,
देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥

ओहदे नाम दा लै के सहारा,
लंग जावेंगा पर्वत सारा।
देखी सुन्दर गुफा, भक्तो जय जय बुला, दर्शन पावीं,
देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥

मेरी माँ दरवाजा ख़ोल, तेरे माँ लाडले आऐ हैं ll,
माँ तेरे, खज़ाने से कुछ मांगने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल, तेरे माँ लाडले आऐ हैं ll ,

कहदो माँ भैरों बाबा से, हमको वो ना रोके ll ,
सिंह वाहिनी शेर से कहदो, भक्तों को ना टोके ll,
नौकर बन माँ, तेरा आंगना , बुहारने आऐ हैं,,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

आज ना जाएंगे मईया, हम तेरे दर से ख़ाली ll
तूँ मईया तो हम भी तेरे, लाल हैं शेरोंवाली ll
तेरे लाल माँ, तेरी ममता , पाने आऐ हैं,,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,

तेरे होते हुए ओ मईया, और किधर क्यों जाऐं ll
माँ के सिवा ना बेटों पे, कोई ममता बरसाए ll
आज सवाली, दर्शन तेरे , पाने आऐ हैं,,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

द्वार दया का ख़ोलो अब तो, हे अम्बे महाँरानी ll
आंचल की छाया दे कर, कल्याण करो कल्याणी ll
हम आरती, माँ तेरी , उतारने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल…….

भगतो को दर्शन दे गयी रे एक छोटी सी कन्या
छोटी सी कन्या,एक छोटी सी कन्या

भक्तो ने पुछा मैया नाम तेरा क्या है
वैष्णो नाम बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……

भक्तो ने पुछा मैया धाम क्या है
परबत त्रिकुट बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……

भक्तो में पुछा मैया सवारी तेरी क्या है
पीला शेर बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……

भक्तो में पुछा माँ प्रशाद तेरा क्या है
हलवा पूरी चना बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……

भक्तो में पुछा मैया श्रृंगार तेरा क्या है
चोला लाल बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……

भक्तो में पुछा मैया शस्त्र तेरा क्या है
त्रिशूल चक्र बता गयी रे एक छोटी सी कन्या भगतो को दर्शन दे ……

भक्तो ने पुछा सबसे प्यारा तेरा क्या है
भक्तो का प्यार बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……

मेरी मैया जी के गोरे गोरे हाथ मेहंदी मै लावां
ओ मेहंदी मै लावा-२ ,
मेरी मैया जी दे......

मेहंदी दा बूटा मेरे रामजी ने लाया,
सीता ने रचाए दोनों हाथ मेहंदी में लावा
मेरी मैया जी दे......

मेहंदी का बूटा मेरे श्याम जी ने लाया
राधा ने रचाए दोनों हाथ मेहंदी मै लावा
मेरी मैया जी दे.....

मेहंदी दा बूटा मेरे शिवाजी ने लाया
गौरा ने रचाए दोनों हाथ मेहंदी मै लावा
मेरी मैया दे.......

मेहंदी का बूटा मेरे ब्रह्मा जी ने लाया
ब्रह्माणी रचाई दोनों हाथ मेहंदी मे लावा
मेरी मैया जी दे.....

मेहंदी द बूटा मेरे विष्णु जी ने लाया
लक्ष्मी ने रचाई दोनों हाथ मेहंदी मेलावां
मेरी मैया जी दे.....

मेहंदी का बूटा मैया भक्तों ने लगाया
संगत ने रचाई दोनों हाथ मेहंदी मे लावा
मेरी मैया जी दे.......

मैया नवरात्रों में, जब धरती पे आती है,
किसको है क्या देना, ये सोच के आती है,
मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है…..

पहले नवरात्रों में, माँ सबकी खबर लेती,
दूजे नवरात्रों में, अपने खाते में लिख लेती है,
तीजे नवरात्रों से, बात आगे बढ़ाती है,
मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है……..

चौथे नवरात्रों में, माँ आसान लगाती है,
पाँचवे नवरात्रों में, माँ आ गयी बताती है,
छटे नवरात्रों में, सबको दर्शन कराती है,
मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है……

सतवे नवरात्रों में, खोल देती खजाने है,
अठवे नवरात्रों से, लग जाती लूटाने है,
नव्वे नवरात्रों में, दोनो हाथो से लुटाती है,
मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है…….

दसवे दिन माता की, बिदाई जब आती है,
धरती के लोगो की, आँखे भर आती है,
रामा फिर आउंगी, वादा करके चली जाती है,
मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है……..

इक हार बणा सोहना नी में माई दे गल विच पावां,
बुहा खोल पुजारिया वे नी मैं माई दा दर्शन पावां,

हाथ भगत दे गंगाजल लोटा ले मंदिर वल जावां,
बुहा खोल पूजारिया वे नी मैं माई ने स्नान करावां,

हाथ भगत दे तिलक कटोरी ले मंदर वल जावां,
बुहा खोल पुजारिया वे नी मैं माई नु तिलक लगावां,

हाथ भगत दे फूलां दा टोकरा ले मंदर वल जावां
बुहा खोल पुजारिया वे नी मैं माइ नू भेट चढ़ावा

हाथ भगत दे मोली दा कंगना ले मंदर वल जावां
बुहा खोल पूजारिया वे नई मैं माई दे अंग लगावां

हाथ भगत दे पान सुपारी ले मंदर वल जावां
बुहा खोल पूजारिया वे नी मैं माई नु भेंट चढ़ावां

ले परिक्रमा मंदर चुफ़ेरे तेरे मंदरा दे बेड़े
बुहा खोल पूजारिया वे नी मैं माई नू शिश झुकावां
इक हार बणा सोहणा...........

शेरां वाली दे जदों नराते आए,
जोतां वाली दे जदों नराते आए
चिंता पुरणी दे जदों नराते आए
संगतां ने मां दर तेरे ते रज्ज रज्ज दर्शन पाए...
शेरां वाली दे, जदों नराते...

दरज़ी बन के दर ते आवां मां दा चोला सीं के लियावां।
आपणी मां नूं चोला पावां।
दिल बाग़ बाग़ हो जाए...
शेरां वाली दे, जदों नराते...

माली बन के दर ते आवां, मां दे लई मैं हार लियावां।
आपणी मां दे गळ विच पावां।
दिल बाग़ बाग़ हो जाए...
शेरां वाली दे, जदों नराते...

पुजारी बन के दर ते आवां मां आपणी दियां भेंटां गावां।
मां आपणी नूं, कोल बिठावां।
दिल दा हाल सुनावां...
शेरां वाली दे, जदों नराते...

सुनियारा बन के दर ते आवां मां आपणी दा टिका बनावां।
महांराणी दा श्रृंगार करके..
दिल बाग़ बाग़ हो जाए...
शेरां वाली दे, जदों नराते...

हलवाई बन के दर ते आवां हलवा पूरी मैं बनावां।
मां आपणी नूं, भोग लगावां।
दिल बाग़ बाग़ हो जाए...
शेरां वाली दे, जदों नराते...

प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी….
बड़ा न्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
भगतो की लगी है कतार भवानी

ऊँचे पर्वत भवन निराला,
आके शीश नवावे संसार भवानी
तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी …

जग मग जग मग जोत जगे है,
तेरे चरणों में गंगा की धार भवानी
तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी …

लाल चुनरिया लाल लाल चूड़ा,
गले लाल फुलोंके सोये हार भवानी
तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी
बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ….

सावन महीना मैया झूला झूले,
देखो रूप कंजको का धार भवानी
तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ….

पल में भरती झोली खाली,
तेरे खुल्ले दया के भंडार भवानी
तेरे भगतो की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ….

भक्तों को है तेरा सहारा माँ,
कर दे अपने भक्तों का बेड़ा पर भवानी
तेरे भगतो की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ….

मेरी माँ दरवाजा ख़ोल, तेरे माँ लाडले आऐ हैं ll
माँ तेरे, खज़ाने से कुछ मांगने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल, तेरे माँ लाडले आऐ हैं ll

कहदो माँ भैरों बाबा से, हमको वो ना रोके ll
सिंह वाहिनी शेर से कहदो, भक्तों को ना टोके ll
नौकर बन माँ, तेरा आंगना , बुहारने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

आज ना जाएंगे मईया, हम तेरे दर से ख़ाली ll
तूँ मईया तो हम भी तेरे, लाल हैं शेरोंवाली ll
तेरे लाल माँ, तेरी ममता , पाने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,

तेरे होते हुए ओ मईया, और किधर क्यों जाऐं ll
माँ के सिवा ना बेटों पे, कोई ममता बरसाए ll
आज सवाली, दर्शन तेरे , पाने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

द्वार दया का ख़ोलो अब तो, हे अम्बे महाँरानी ll
आंचल की छाया दे कर, कल्याण करो कल्याणी ll
हम आरती, माँ तेरी , उतारने आऐ हैं
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

शेर की सवारी कर आना मेरी दुर्गे भवानी,
दुर्गा भवानी मेरी अंबे भवानी,
शेर की सवारी कर आना मेरी दुर्गे भवानी,

लाल लाल चुनरी मां ओढ़ के आना
सोलह सिंगार मैया भूल नहीं जाना
सुंदर झलक दिखाना मेरी अंबे भवानी
दुर्गा भवानी मेरी अंबे भवानी ,
शेर की सवारी कर आना ...

बजरंगी को मैया साथ ले आना
भैरव को भूल मत जाना
कीर्तन के शोभा बढ़ाना मेरी अंबे भवानी
दुर्गा भवानी मेरी अंबे भवानी,
शेर की सवारी कर आना ...

सुख समृद्धि मैया लेकर आना
ज्ञान और शक्ति मैया भूल नहीं जाना
वरदान हमको भी देना मेरी अंबे भवानी
दुर्गा भवानी मेरी अंबे भवानी, शेर की सवारी कर आना ...

कष्टों को हरना मां मंगल करना
भक्तों की झोली मां खुशियों से भरना
बिगड़ी मां सबकी बनाना मेरी दुर्गे भवानी
दुर्गा भवानी मेरी अंबे भवानी, शेर की सवारी कर आना …

नैन तेरे माँ नैना देवी , चरन तेरे चिंतापूर्णी
धड तेरा माँ दिल काँगडे , ज्योता जगदीया ज्वालामुखी

किने किने मैया तेरा भवन बन्नाया ,
किने चंवर झुलायो माँ ,
धड तेरा माँ दिल काँगडे

पंज पंज पांडवा ने भवन बनाया ,
अर्जुन चोर झुलायो माँ ,
धड तेरा माँ दिल काँगडे

हथ में गडवा गंगा जल पानी ,
अश्नान करावन आयो माँ ,
धड तेरा माँ दिल काँगडे

हथ में करणी फुला न भरनी ,
हार पेहनावन आयो माँ ,
धड तेरा माँ दिल काँगडे

हाथ रे भी थाल जलेबी ,
भोग लगावन आयो माँ ,
धड तेरा माँ दिल काँगडे

मईया मैं तेरी पतंग, मईया मैं तेरी पतंग।। हवा विच उडदी जावांगी,
मईया डोर हथों छड्डी ना, मैं कट्टी जावांगी।
मईया मैं तेरी पतंग, मईया मैं तेरी पतंग।

बड़ी मुश्किल दे नाल मिलया मैनु तेरा द्वारा ए मईया तेरा द्वारा ए।।
मैनु इको तेरा आसरा, नाले तेरा सहारा ए, मईया तेरा सहारा ए। -
हून तेरे ही भरोसे मईया तेरे ही भरोसे।
हवा विच उडदी जावांगी, हवा विच उडदी जावांगी।
मईया डोर हथों छड्डी ना, मैं कट्टी जावांगी।।
मईया मैं तेरी पतंग, मईया मैं तेरी पतंग......

इहना चरणा कमलां नालो, मैनु दूर हटाई ना, मईया दूर हटाई ना।।
इस झूठे जग्ग दे अंदर, मेरा पेचा लायी ना, मईया पेचा लायी ना।
जे कट गई ता मईया, जे कट गई ता मईया।
फिर मैं लुट्टी जावांगी, फिर मैं लुट्टी जावांगी।
मईया डोर हथों छड्डी ना, मैं कट्टी जावांगी।।
मईया मैं तेरी पतंग.......

फुल बरसांदी आवां दातिये,
रंग बरसांदी आवां दातिये,

बाण गंगा फुल बरसांवा,
हो रज रज डुबकियाँ लावां दातिये,
फुल बरसादी....

हो चरण पादुका फुल बरसांवा,
चरणीं शीश नवामां दातिये,
फुल बरसादी..

अध क्वारी फुल बरसांवा,
हो गर्व जून लंग जावां दातिये,
फुल बरसादी......

हाथी मत्था फुल बरसांवा,
हो चढ़ के चढ़ाईयां आवां दातिये,
फुल बरसादी......

मां दे भवन ते फुल बरसांवा,
मंगियां मुरादां पावां दातिये,
फूल बरसांदी......

बोलते चलो बोलते चलो शेरावाली के जयकारे बोलते चलो
ये बिंदिया माँ तेरी बिंदिया
सारे भक्तों की ले गई निंदिया,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।

ये कंगना माँ तेरा कंगना
कब आओगी मेरे अंगना,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।

ये चुनियाँ माँ तेरी चुनियाँ
तुझे पूजे सारी दुनिया,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।

ये झुमके माँ तेरे झुमके
सारे भक्त लगा रहे ठुमके,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।

ये पायल माँ तेरी पायल
मेरे दिल को कर गयी घायल,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।

ये चोला माँ तेरा चोला
आज जयकार मैं भी बोला,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।

ये मेवा मिशरी मेवा
सारी उमर करूँ मैं तेरी सेवा,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।

ये द्वारा माँ तेरा द्वारा
मुझे लागे सबसे प्यारा,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो। ,
बोलते चलो जोर से बोलो जै माता दी सारे बोलो जै माता दी

गुफा के अंदर माँ तेरा मंदिर,
जगमग ज्योति जले ,
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है,
गुफा के अंदर माँ तेरा मंदिर.......

सुन सुनहरा मंदिर मां का
प्यारा भेष नूरानी
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है
गुफा के अंदर माँ तेरा मंदिर.......

ऊंचेया पहाड़ा बीच मंदिर तेरा
गुफ़ा के अंदर माँ
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है
गुफा के अंदर माँ तेरा मंदिर....

जुग जुग जीवे तेरा जम्मूए दा राजा
जिसने तेरा मंदिर बनाया
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है

सोने की गढ़वी में गंगाजल पानी...
चरण धुलाने आ,
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है

घिस घिस चंदन भरुआ कटोरा
तिलक लगाने आ,
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है

चुन चुन कलियां हार बनाया.
हार पहनने आ,
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है

चांदी की थाली में माखन मिश्री
भोग लगाने आ,
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है

गुफा के अंदर माँ तेरा मंदिर, जगमग ज्योति जले ओ माँ मुझे तेरा सहारा है

करले तू दीदार शेरों वाली का,
सेवक है संसार पहाड़ो वाली का

डगर डगर माँ के जयकारे,
पग पग में ज्योति के नज़ारे,
कदम कदम दरबार शेरों वाली का
सेवक है संसार ज्योतों वाली का
करले तू दीदार...

देख चढाई रुक नहीं जाना,
जय माता की कहते जाना,
रास्ता है दुश्वार शेरों वाली का
सेवक है संसार लाटां वाली का
करले तू दीदार...

माँ चरणों के मतवालों से,
पूर्ण माँ अपने लालों से,
माँ जैसा है प्यार शेरों वाली का
सेवक बन जा यार पहाड़ों वाली का
करले तू दीदार...

लाखों सोए भाग जगाए,
अपने खज़ाने माँ ने लुटाएं,
पर कम न हुआ भंडार शेरों वाली का
सेवक है संसार ज्योतों वाली का
करले तू दीदार...

भक्तों के दुःख हर लेती माँ,
सब की झोली भर देती माँ,
भक्त है सेवादार शेरों वाली का
सेवक है संसार पहाड़ो वाली का
करले तू दीदार...

दे चरणां दा प्यार माये नी सानु रख लै सेवादार
तेरे भवन ते मां करां नौकरी, तेरे मंदिर ते..
तेरे भवन ते मां करां नौकरी, सद लै तू इक वार माये जी मैनू
दे चरणां दा प्यार

भक्ता दे नाल मैं भेंटा गांवा इक पल वी न सोवां,
अमृत वेले मंदिर तेरा पलकां नाल मैं धोवां,
बागा विचो फुल तोड़ के, बागा विचो फुल तोड़ के ..
गुन्दा सोने हार,
दे चरणां दा प्यार माये नी सानु रख लै सेवादार

हार श्रृंगार मैं करके तेरियाँ पिंडियाँ रोज सजावाँ,
अतर गुलेला छिडकान नाले मंदरान नु मह्कावान
जोत जगा के करां आरती , जोत जगा के करां आरती ,
बन के ताबेदार
दे चरणां दा प्यार माये नी सानु रख लै सेवादार

भगत तेरे मां दर ते आके रोज़ करन अरदासां
मिट जावन बच्च्याँ दियां तेरे जनम जनम दियां प्यासां,
तन मन हो जाये रोशन मेरा, तन मन हो जाये रोशन मेरा,
खुले करां दीदार
दे चरणां दा प्यार माये नी सानु रख लै सेवादार

माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
पैरी पवा के छाले मै ताँ आ गया तेरे कोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,

दर्द तो खाली तेरे जेहा ना प्यार किथे ना लभे,
जिस पासे वी नजर घुमावां जान दे वैरी सबे,
मै निर्बल कमजोर बङा माँ हो गया डावांडोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,

मै सुनया सब खैरा ले गये तेरे पावन दर तो,
हे दुनिया दीऐ दातीऐ मैनु ऐंवे ना मोङी दर तो,
कोई बहाना कर के वेखी करी ना टाल मटोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,

दुखहरनी दुख मुसीबत तेरे ही हरेया हरदे,
निगाह सवंली होवे जे तेरी तां पत्थर वी तरदे,
वडंदे खजाना मेहर दा हुण वी द्वार दया दा खोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,

तू मेरी मै तेरा भवानी फर्क भला है किथे,
असीं वी ओस थाँ क्यो ना रहीऐ तू माँ वसदी जिथे,
जी करदा निर्दोश बै के दुख सुख लईऐ खोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,

माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
पैरी पवा के छाले मै ताँ आ गया तेरे कोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,

वे सुनियारिया, कर्मा वालिया,
मेरी माई दी, नत्थ बनाई वे,
नत्थ बनाई वे, मोती लाई वे,
मोती लाई वे, सोहणी बनाई वे ॥

ऐसी नत्थ बनाई जिदां, पुन्या दा चन्न होवे,
नत्थ दे विच्च इक नग वी जड़ दई, वक्खरा ही रंग होवे,
मीना कारी पूरी कर दईं,
मेहनत आपनी लै लइ वे,

वे सुनियारिया, कर्मा वालिया.....

हथ वी जोड़ा, पैर वी पकड़ा, सौ सौ तरले पावां,
तैनूं तेरी मेहनत मिल जाउ, मैं पैरी हथ लावां,
इक बनादे छतर सोने दा,
मैं माता दर जाना,

वे सुनियारिया, कर्मा वालिया...

.. ऐसी नत्थ बनाई जिस विच्च, हीरे मोती लावीं,
सूरज कोलों लैके किरणां, उसदी शान वधावीं,
हो...मैं वी जाना माँ दे द्वारे,
नाल मेरे तूं जावीं वे,

वे सुनियारिया, कर्मा वालिया,
मेरी माई दी नत्थ बनाई वे,
नत्थ बनाई वे, मोती लाई वे,
मोती लाई वे, सोहणी बनाई वे.....

तेरे नाम दा रंग ऐसा चढ़ेया मां,
तेरे लाल ने तेरा पल्ला फड़ेया मां

मन दे मन्दिर विच जोत तेरी जगाई ऐ
नैनां विच मैया तेरी तस्वीर वसाई ऐ
तेरे नाम दा रंग ऐसा चढ़ेया मां,
तेरे लाल ने तेरा पल्ला फड़ेया मां

जोती तेरी माँ जल थल विच जगदी ऐ
रात ओह चंगीं जो तेरे लेखे लगदी ऐ
तेरे नाम दा रंग ऐसा चढ़ेया मां,
तेरे लाल ने तेरा पल्ला फड़ेया मां

सिर ओ चगां जो तेरे दर झुक दे जाये
जीभ ओ चंगी जो तेरे महिमा गाये
तेरे नाम दा रंग ऐसा चढ़ेया मां,
तेरे लाल ने तेरा पल्ला फड़ेया मां

हत्थ ने ओ चंगे जो तेरे अगें जुड़दे ने,
पैर ने ओ चंगे तेरी राह जो तुरदे ने
तेरे नाम दा रंग ऐसा चढ़ेया मां,
तेरे लाल ने तेरा पल्ला फड़ेया मां

नैन ओ चंगे जो तेरा दर्शन पांदे ने
श्वास ओ चंगे जो तेरे नाल लग जांदे ने
तेरे नाम दा रंग ऐसा चढ़ेया मां,
तेरे लाल ने तेरा पल्ला फड़ेया मां

बन्दा ओ चंगा जेड़ा बन्दगी करदा ऐ
माँ दी भक्ति दे नाल झोली भरदा ऐ
तेरे नाम दा रंग ऐसा चढ़ेया मां,
तेरे लाल ने तेरा पल्ला फड़ेया मां

धरती ओ चंगी जिथे माँ दा बसेरा ऐ
बस्ती ओ चॅगी जिथे माँ दा डेरा ऐ
तेरे नाम दा रंग ऐसा चढ़ेया मां,
तेरे लाल ने तेरा पल्ला फड़ेया मां

मेरा जग कल्याणी नाल, दो गल्लां करने नू जी करदा
मंदिरां दी रानी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा
जी करदा तेरे नाल माँ रह के, दिल दा हाल सुनावा
करदा रहां माँ सेवा तेरी, तेरा नाम ध्यावां
मेरा जग कल्याणी नाल, दो गल्लां करने नू जी करदा
मंदिरां दी रानी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा

पहली गल्ल मैं माँ नाल करनी, मैनूं चरणीं लावीं ॥
जद वी दिल घबरावे माँ, मैनूं चुन्नी थल्ले लुकावीं ,माँ चुन्नी थल्ले लुकावीं...
महारानी दे चरण कमल ते, शीश धरन नू जी करदा
मंदिरां दी रानी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा
मेरा जग कल्याणी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा
मंदिरां दी रानी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा

दूजी गल्ल मैं करनी माँ, तेरे हाथों चूरी खावां ॥
गोदी विच सिर रख के माँ, तैनूं पेटा सुनावां , तैनूं पेटा सुनावां॥
माँ रानी नूं तन मन अपना, भेंट करन नू जी करदा
मंदिरां दी रानी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा ।
मेरा वैष्णों रानी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा
मेरा जग कल्याणी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा

महारानी नाल गल्लां करके, मेरे दिल भर आया ॥
महारानी नाल गल्लां करके, मेरे दिल भर आया ॥
वैष्णो माँ दे चरणीं बै के, चौकी भरन नू जी करदा ।
मेरा जग कल्याणी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा
मंदिरां दी रानी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा मेरा जग कल्याणी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा
वैष्णो माँ दे चरणीं बै के, चौकी भरन नू जी करदा ।
मेरा जग कल्याणी नाल, दो गल्लां करन नू जी करदा

आओ भोग लगाओ मेरी मैया, रुच रुच भोग लगाओ मेरी मैया,

पूर्व पश्चिम उतर दक्षिण,
चारो दिशाओ से आओ मेरी मैया,
आओ भोग लगाओ मेरी मैया,
रुच रुच भोग लगाओ मेरी मैया…….

ऐसा भोग लगाओ मेरी मैया,
सब अमृत हो जाये मेरी मैया,
आओ भोग लगाओ मेरी मैया,
रुच रुच भोग लगाओ मेरी मैया…….

जो तेरे इस भोग को खावे,
वो तेरा हो जाये मेरी मैया,
आओ भोग लगाओ मेरी मैया,
रुच रुच भोग लगाओ मेरी मैया…….

हम भक्तो की एक अर्ज है,
आकर दरश दिखाओ मेरी मैया,
आओ भोग लगाओ मेरी मैया,
रुच रुच भोग लगाओ मेरी मैया……

जयकारा माता जी का।

प्रेम से बोलो जय माता दी, .
जोर से बोलो जय माता दी,
सारे बोलो जय माता दी,
हम भी बोले जय माता दी,
तुम भी बोलो जय माता दी,
मिलके बोलो जय माता दी,
सजके बोलो जय माता दी,
मां वैष्णो देवी जय माता दी,
मां दूधपूर्णि जय माता दी,
मां नैना देवी जय माता दी,
मां ज्वाला देवी जय माता दी,
मां चामुंडा देवी जय माता दी,
मां कांगड़ा देवी जयमाता दी,
मां कालका देवी जय माता दी,
मां झण्डेवाली जय माता दी,
मां शेर सवारी जय माता दी,
लगती है प्यारी जय माता दो,
मां सबसे न्यारी जय माता दी,
मां सबकी दुलारी जय माता दी,
मेरी मां है भोली जय माता दी,
वो भरती झोली जय माता दी,
मां पिंडी रूपा जय माता दी,
मां संकट हरती जय माता दी,
मां तारन हारी जय माता दी,
मां शारदा रानी जय माता दी,
मां भाग्य विधाता जय माता दी,
आवाज नहीं आई जय माता दी,
अरे अगले बोलो जय माता दी,
अरे पिछले बोलो जय माता दी,
मां आप बुलाये जय माता दी,
मां भरे भंडारे जय माता दी,
मां काज सवारे जय माता दी,
मां भरती झोली जय माता दी,
अरे जोर से बोलो जय माता दी,
अरे सारे बोलो जय माता दी,
अरे तुम भी बोलो जय माता दी,
अरे हम भी बोले जय माता दी,
जय माता दी ।।

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै । रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी । सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती । कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती ॥
शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती । धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥
चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे । मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥
ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी । आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥
चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरों । बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता, भक्तन की दुख हरता । सुख संपति करता ॥
भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी । मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी ॥
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती । श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती ॥
श्री अंबेजी की आरति, जो कोइ नित गावे । कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपति पावे ॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।