चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने, दरबार लगाया है ।
चलो बुलावा आया है,माता ने बुलाया है ।
सारे जग मे एक ठिकाना, सारे गम के मारो का,
रास्ता देख रही है माता, अपने आंख के तारों का ।
मस्त हवाओं का एक झोखा, यह संदेशा लाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
जय माता दी॥
जय माता की कहते जाओ, आने जाने वालो को,
चलते जाओ तुम मत देखो, अपने पीछे वालों को ।
जिस ने जितना दर्द सहा है, उतना चैन भी पाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
जय माता दी॥
वैष्णो देवी के मन्दिर मे, लोग मुरादे पाते हैं,
रोते रोते आते है, हस्ते हस्ते जाते हैं ।
मैं भी मांग के देखूं, जिस ने जो माँगा वो पाया है ।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है ।
जय माता दी॥
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...
फुला दिया क्यारिया च रहंदी मेरी मां..
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...
सोने की गड़वी में गंगाजल पानी...
चरण धुलाने बेला आया मेरी मां...
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...
घिस घिस चंदन भरूं मैं कटोरा...
तिलक लगाने बेला आया मेरी मां...
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...
चुनचुन कलियों में हार परोआं...
हार पहनाने बेला आया मेरी मां...
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...
सोने की थाली में माखन मिसरी ...
भोग लगाने बेला आया मेरी मां...
ओ हो हो दिल फुला रा बनाया मेरी मां...
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा
जयकारा शेरावाली दा जयकारा मेहरावाली दा
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा
मां मेरी दी जगदी ज्योति
ना कोई दीवा ना कोई बाती
देखो भक्तों नजारा शेरावाली दा
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा
मां मेरी दी लाल लाल साड़ी
उत्ते लगी पीली किनारी
देखो भक्तों लश्कारा शेरावाली दा
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा
मां मेरी ने पिंगा पाइया
राल मिल बहना झूठन आईया
ले लो भक्तो हुलारा शेरावाली दा
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा
मां मेरी दे खुले भंडारे
रल मिल झोलियां भर लो सारे
खुला भगतो भंडारा शेरावाली दा
बोलो भक्तो जयकारा शेरावाली दा
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
ज्योता वालिये, पहाड़ा वालिये, मेहरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
सारा जग है इक बंजारा, सब की मंजिल तेरा द्वारा ।
ऊँचे परबत लम्बा रास्ता, पर मैं रह ना पाया,
शेरा वालिये ॥
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥ मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
सूने मन में जल गयी बाती, तेरे पथ में मिल गए साथी ।
मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू, मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू,
बिन मांगे सब पाया, शेरा वालिये ॥
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥ मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
कौन है राजा, कौन भिखारी,
एक बराबर तेरे सारे पुजारी ।
तुने सब को दर्शन देके, तुने सब को दर्शन देके,
अपने गले लगाया, शेरा वालिये ॥
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥ मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
प्रेम से बोलो, जय माता दी ॥ सारे बोलो, जय माता दी ॥
आते बोलो, जय माता दी ॥ जाते बोलो, जय माता दी ॥
कष्ट निवारे, जय माता दी ॥ पार निकले, जय माता दी ॥
देवी माँ भोली, जय माता दी ॥ भर दे झोली, जय माता दी ॥
वादे के दर्शन, जय माता दी ॥ जय माता दी, जय माता दी ॥
।
तैनु किथे मैं बिठावां ज्योता वालिये की, घर मेरा निक्का जेहा
घर मेरा निक्का जेहा
की घर मेरा निका जेहा
तेनु किवे मैं मनावा ज्योता वालिये की घर मेरा निक्का जेहा.,
तेनु किथे मैं बिठावा…
दिल करदा तेरा मंदिर बनावा माँ
ओहदे विच सोहनी तेरी मूरत सजावा माँ
नाले चोकी माँ सजावा ज्योता वालिये की घर मेरा निक्का जेहा ,
तेनु किथे मैं बिठावा…
दिल करदा माँ तेरा जागरण करावा माँ
घर अपने माँ भगत बुलावा माँ
करा दर्शन तेरा मैया ज्योता वालिये की घर मेरा निक्का जेहा
तेनु किथे मैं बिठावा…
जे मेरी मैया जी ने घर मेरे औना ऐ,
रज रज माँ दा मैं दर्शन पाऊन ऐ,
मैं ता ज्योत जगावा ज्योता वालिये की घर मेरा निक्का जेहा
तेनु किथे मैं बिठावा…
दिल वाली पालकी च तेनु माँ बिठावा
रज रज मैया मैं ता दर्शन पावा
मैं ता वारी वारी जावा ज्योत वालिये की घर मेरा निक्का जेहा
तेनु किथे मैं बिठावा…
त्रिकुटा पहाड़ा विच शेरावाली वसदी,
ओ चरने च वगदी ऐ गंगा,
ओ पहाड़ावाली भवन तेरा बड़ा चंगा
त्रिकुटा पहाड़ा विच शेरावाली वसदी......
बाण गंगे दा ठंडा मीठा पानी,
चरण पादुका मां ज्योत जगानी ,
आदकुवारी गर्भ जून लंगदी,
झूलदा ए लाल लाल झंडा
त्रिकुटा पहाड़ा विच शेरावाली वसदी......
हाथी मत्थे दिया चढ़ीये चढ़ाईयां,
संगता सांझी छत चली आईयां ,
बगे बगे शेर ते शेरावाली हंसदी,
झूलदा ए लाल लाल झंडा
त्रिकुटा पहाड़ा विच शेरावाली वसदी......
बाग मैया तेरे कोयल बोले,
दर्शन दे मां तन मन डोले,
द्वार मैया तेरा सोहना सजदा,
झूलदा ए लाल लाल झंडा
त्रिकुटा पहाड़ा विच शेरावाली वसदी......
मेरा नचने नू करदा जी, जी माँ शेरावालिये,
जी माँ शेरावालिये, जी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......
चांदी दी थाली विच, ज्योत मैं जगाउंदी आ,
पावा विच देसी घी, घी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......
हो लाल चुनरिया, सुनहेरी घोटे वाली,
मैं तैनू चढ़ावांगी, जी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......
हो जम्मू शहर तो मैं, चूड़िया मँगवाउंदी आ,
मैं तैनू चढ़ावांगी, जी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......
हो कोरे कोरे कुज्जे विच दही मैं जमाउंदी आ,
तैनू भोग लगावांगी, जी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......
हो जम्मू शहर तो चोला मँगवाउंदी आ,
तैनू पहनावांगी, जी माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......
बच्चियां ने आसा माये, तेरे उत्ते रखिया,
बिन मावा दे बच्चियां दा की, की माँ शेरावालिये,
मेरा नचने नू करदा जी.......
मैया का चोला है रंगला, शेरोवाली का चोला है रंगला,
मेहरोवाली का चोला है रंगला, जोतावाली का चोला है रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला, माँ वैष्णो का चोला है रंगला,
हो मैया का लाल, चोला है रंगला रंगला, रंगला रंगला,
मैया का चोला है रंगला, अंबे रानी का चोला है रंगला ॥
सुवा चोला अंग बिराजे,
लगी किनारी लाल चोला है रंगला,
मैया का चोला हैं रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला ॥
सिर सोने का छत्र बिराजे,
हिरे अपरम्पार चोला है रंगला,
मैया का चोला हैं रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला ॥
अश्विन चैत महीना आवे,
चले पवन की चाल चोला है रंगला,
मैया का चोला हैं रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला ॥
पान सुपारी ध्वजा नारियल,
माँ की भेंट चढ़ा के चोला है रंगला,
मैया का चोला हैं रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला ॥
शेरोवाली माता मेरी,
मेहरोवाली माता मेरी,
सबको करे निहाल चोला है रंगला,
मैया का चोला हैं रंगला,
अंबे रानी का चोला है रंगला ॥
कालेया कागा मीठा मीठा बोल, आज मेरी मैय्या ने आणा है
आज मेरी मैय्या ने औणा है, आज महाकाली ने औणा है
क्या है निशानी मेरी मैय्या दी,
ओ सिरे दिया चुनियां लालो लाल
यही है निशानी मेरी मैय्या दी,
कालेया कागा मीठा मीठा बोल
क्या है निशानी मेरी मैय्या दी,
ओ माथे दिया बिंदिया लालो लाल
यही है निशानी मेरी मैय्या दी,
कालेया कागा मीठा मीठा बोल
क्या है निशानी मेरी मैय्या दी,
ओ गले दा ये हार लालो लाल
यही है निशानी मेरी मैय्या दी,
कालेया कागा मीठा मीठा बोल
क्या है निशानी मेरी मैय्या दी,
ओ अंगे दिया साड़ियां लालो लाल
यही है निशानी मेरी मैय्या दी,
कालेया कागा मीठा मीठा बोल
क्या है निशानी मेरी मैय्या दी,
ओ बाहिं दिया चूड़ियां लालो लाल
यही है निशानी मेरी मैय्या दी,
कालेया कागा मीठा मीठा बोल
माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।
ज्योत जगा के, सर को झुका के,
मैं मनाऊंगी, दर पे आउंगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥
संतो महंतो को बुला के घर में कराऊं जगराता।
सुनती है सब की फ़रिआदे, मेरी भी सुन लेगी माता।
झोली भरेगी, संकट हरेगी,
भेटा गाऊँगी,
मैं मनाऊंगी,
भेटें गाऊँगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥
भवन तेरा है सब से ऊँचा माँ, और गुफा तेरी नयारी।
भाग्य विदाता ज्योता वाली माँ, कहती है दुनिया सारी।
दाति तुम्हारा, ले के सहारा,
मैं दर पे आउंगी, मैं भेटे गाऊँगी,
मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥
कृपा करो वरदानी माँ, छाया है गम का अँधेरा।
तेरे बिना मेरा कोई ना, मुझ को भरोसा है तेरा।
दाति तुम्हारा, ले के सहारा,
दर पे आउंगी, मैं भेटे गाऊँगी,
मैं आउंगी, मैं गाऊँगी, मैं आउंगी॥
कदे बोल वे बनेरे उते कावा, मैं अरज सुनावा,
वे एक वारी मैया नु मिला दे, मेरी मैया नु ,
तेनु कूट कूट चुरिया पावा कदे ना पुलावा,
वे एक वारी मैया नु मिला दे, मेरी मैया नु ,
बहुत चिरा तो प्यासिया अखियाँ,
दिल दे विच कई आसा राखियाँ,
होण मेरे ते ठंडिया छावा ,मैं देवागी दुआवा,
वे एक वारी मैया नु मिला दे, मेरी मैया नु ,
कदे बोल वे बनेरे उत्ते कावां .......
जेडे मैया दा दर्शन कर गए,
ओह ता भव सागर तो तर गए,
मैया नु मैं हर पल चावा, मैं नित महिमा गावा,
वे एक वारी मैया नु मिला दे, मेरी मैया नु ,
कदे बोल वे बनेरे उत्ते कावां ............
नैन मेरे जे दर्शन पावन,
मेरे वी दुःख कटे जावन,
मैया तेरी ताकदी राहवा , वे सचिया सुनावा,
वे एक वारी मैया नु मिला दे, मेरी मैया नु ,
कदे बोल वे बनेरे उत्ते कावां ...........
चल संगते मां दे दर चलिए
चिट्ठी मां दे मंदिर तो आई हुई ए,
मेरी मैया शेरावाली दी
कई दिना तो आस लगाई हुई ए
जेडे जाण मैया दे द्वारे सबना दे काज सवारे,
मेरी मैया शेरावाली Pलक्खा दे कष्ट निवारे,
ओ करदी बेड़ा पार ओदा
जिने प्रीत मैया नाल पाई होई ए
छड कम काज तू घर दे ऐ कम कदे नहीं मुकने,
मां की ममता दे कर्जे , कई जन्म जन्म नहीं चुकने,
मां करदी बेड़ा, पार ओदा
जिने प्रीत मैया नाल लाई हुई ए
अज दर्श मैया दे होने जन्मा दे पाप घटोने,
टल जाण दुखा दिया घड़ियां हुण दिन खुशियां दे आणे,
कई वारी विनती कीती ए
बड़ी मुश्किल नाल सुनाई होई ए
रंग बरसे, रंग बरसे दरबार मैया जी तेरे रंग बरसे ।
उचेया पहाडा दिया ठंडिया हवावा,
सुरगा नु जांदिया ने मंदिरा चो राहवा ।
भागता दा करदी उद्धार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥
उचेया पहाडा विच भक्ता दी टोली,
रेहमता दे बैठी ए द्वार दाती खोली ।
मांग के ता देख इक वार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥
उचेया पहाडा विच बदला दे टुकड़े,
जेहडा वि सुनावे दाती सुनदी है दुखड़े ।
कटदी कलेश हजार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥
उचेया पहाडा विच फुल रंग रंग दे,
दें वाली इक है ते लख्खां लोकी मंगदे ।
फेर वी ना मुकदे भण्डार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥
कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,
लामियां वाहवा करके ठंडिया छावा करके,
कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,
मैं ता जाना माता दे मंदिर चाहे करदे जिला अंदर,
चाहे करदे जिला अंदर, ताला लगदा नहियो ,
कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,
मैं ता जाना माता दे दरबार चाहे मार देवे तलवार,
चाहे मार देवे तलवार साहनु लग दी नहियो
कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके,
मैं ता जाना माता दे कॉल चाहे मार देवे पिस्तौल,
चाहे मार देवे पिस्तौल गोली लग दी नहियो,
कुंडा खोल मेरी जगदम्बे लामियां वाहवा करके
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया,
मैं चढ़दी जावा माँ सुंदर पहाड़िया,
तेरियां पहाड़िया , तेरियां पहाड़िया , तेरियां पहाड़िया माँ........
जद मैं पौंची कटरा शहर मिल गैयाँ माँ संगता प्यारियां,.
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया..
जद मैं पोहंची वान गंगा ला लाइया माँ रज रज ताड़ियाँ, .
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया..
जद मैं पौंची चरण पादुका मिल गैयाँ माँ तेरियां निशानियाँ, .
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया.....
जद मैं पौंची आध कवारी लंग गई आ माँ गरव प्यारीया, .
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया...
जद मैं पौंची गुफा दे अंदर हो गैयाँ माँ सब आसा पुरियां, .
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया.
माँ तुरैया नहीं जांदा सोन दा मेला आ गया,
मैं आप बुलवागी तू क्यों भगता घबरा गया
ऊंचे ऊंचे पर्वत कठिन चड़ाइया दिल मेरा घबरा गया
मै बाह फडलांगी तू क्यों भगता घबरा गया
पैसा मेरे कोल नहीं मा केडे बहाने आवा
मैं भंडारे भर दयागी तू क्यों भगता घबरा गया
घर वाले मेनू आण ना देवण, देवण मेनू ताने
मै चिट्टियां पा देयागी तू क्यो भगता घबरा गया
तेरी गुफा दे अंदर हनेरा मेनू डर पया लगदा
मैं जोत जगा दयागी तू क्यो भगता घबरा गया
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे,
इक वार तू दर्श दिख दे सारियां नु तार दे
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे
चिंता सब दी दूर करे माँ चिंतापुरनी नाम तेरा
सब दियां आसा पुरियां करदी सब तो उचा नाम तेरा
सूरज चन सितारे दाती झुकन तेरे दरबार ते,
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे
दुरो दुरो संगता आइआ दर्शन तेरा पावन लाई,
पान सुपारी ध्वजा नारियल तेरी भेट चड़ावन लई
फुला वाले हार लाइऐ तेरे दरबार ते,
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे
उचे पहाड़ी आसन तेरा जगमग ज्योती जग दी ऐ,
भगता नु जद तारदी मैया बड़ी प्यारी लगदी ऐ,
सारियां नु तार आई सहनु वी हूँ तार दे,
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे
इस जग दी ठुकराई हां मैं अपने चरनी ला लै माँ
प्यारी नाल मेरा हथ पकड़ के आपने कोल बिठा लै माँ
गोदी विच बिठा के मेनू मावा वाला प्यार दे
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे
मैया जग दाता दी, कह के जय माता दी,
तुरिया जावीं देखी पैंडै तो ना घबरावीं।
पहला दिल अपना साफ बनाले,
फिर मैया नू अरज सूना लै।
मेरी शक्ति वदा, मैनू चरना ना ला, कहंदा जावीं,
देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥
औखी घाटी ते पैंडा अवल्डा,
ओहदी श्रद्धा दा फड लै तू पलड़ा।
साथी रल जाणगे, दुखड़े टल जानगे, भेतां गावीं,
देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥
तेरा हीरा जनम अनमोला,
मिलना मुड मुड़ ना मानुष दा चोला।
धोखा ना खा लवीं, दाग ना ला लवीं, बचदा जावीं,
देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥
पहला दर्शन है कौल कण्डोली,
दूजी देवां ने भर ली है झोली।
आध्कवारी नू जगत महतारी नू सर झुकावीं,
देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥
ओहदे नाम दा लै के सहारा,
लंग जावेंगा पर्वत सारा।
देखी सुन्दर गुफा, भक्तो जय जय बुला, दर्शन पावीं,
देखी पैंडै तो ना घबरावीं॥
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल, तेरे माँ लाडले आऐ हैं ll,
माँ तेरे, खज़ाने से कुछ मांगने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल, तेरे माँ लाडले आऐ हैं ll
,
कहदो माँ भैरों बाबा से, हमको वो ना रोके ll ,
सिंह वाहिनी शेर से कहदो, भक्तों को ना टोके ll,
नौकर बन माँ, तेरा आंगना , बुहारने आऐ हैं,,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
आज ना जाएंगे मईया, हम तेरे दर से ख़ाली ll
तूँ मईया तो हम भी तेरे, लाल हैं शेरोंवाली ll
तेरे लाल माँ, तेरी ममता , पाने आऐ हैं,,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,
तेरे होते हुए ओ मईया, और किधर क्यों जाऐं ll
माँ के सिवा ना बेटों पे, कोई ममता बरसाए ll
आज सवाली, दर्शन तेरे , पाने आऐ हैं,,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
द्वार दया का ख़ोलो अब तो, हे अम्बे महाँरानी ll
आंचल की छाया दे कर, कल्याण करो कल्याणी ll
हम आरती, माँ तेरी , उतारने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल…….
भगतो को दर्शन दे गयी रे एक छोटी सी कन्या
छोटी सी कन्या,एक छोटी सी कन्या
भक्तो ने पुछा मैया नाम तेरा क्या है
वैष्णो नाम बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……
भक्तो ने पुछा मैया धाम क्या है
परबत त्रिकुट बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……
भक्तो में पुछा मैया सवारी तेरी क्या है
पीला शेर बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……
भक्तो में पुछा माँ प्रशाद तेरा क्या है
हलवा पूरी चना बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……
भक्तो में पुछा मैया श्रृंगार तेरा क्या है
चोला लाल बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……
भक्तो में पुछा मैया शस्त्र तेरा क्या है
त्रिशूल चक्र बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……
भक्तो ने पुछा सबसे प्यारा तेरा क्या है
भक्तो का प्यार बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे ……
मेरी मैया जी के गोरे गोरे हाथ मेहंदी मै लावां
ओ मेहंदी मै लावा-२ ,
मेरी मैया जी दे......
मेहंदी दा बूटा मेरे रामजी ने लाया,
सीता ने रचाए दोनों हाथ मेहंदी में लावा
मेरी मैया जी दे......
मेहंदी का बूटा मेरे श्याम जी ने लाया
राधा ने रचाए दोनों हाथ मेहंदी मै लावा
मेरी मैया जी दे.....
मेहंदी दा बूटा मेरे शिवाजी ने लाया
गौरा ने रचाए दोनों हाथ मेहंदी मै लावा
मेरी मैया दे.......
मेहंदी का बूटा मेरे ब्रह्मा जी ने लाया
ब्रह्माणी रचाई दोनों हाथ मेहंदी मे लावा
मेरी मैया जी दे.....
मेहंदी द बूटा मेरे विष्णु जी ने लाया
लक्ष्मी ने रचाई दोनों हाथ मेहंदी मेलावां
मेरी मैया जी दे.....
मेहंदी का बूटा मैया भक्तों ने लगाया
संगत ने रचाई दोनों हाथ मेहंदी मे लावा
मेरी मैया जी दे.......
मैया नवरात्रों में, जब धरती पे आती है,
किसको है क्या देना, ये सोच के आती है,
मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है…..
पहले नवरात्रों में, माँ सबकी खबर लेती,
दूजे नवरात्रों में, अपने खाते में लिख लेती है,
तीजे नवरात्रों से, बात आगे बढ़ाती है,
मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है……..
चौथे नवरात्रों में, माँ आसान लगाती है,
पाँचवे नवरात्रों में, माँ आ गयी बताती है,
छटे नवरात्रों में, सबको दर्शन कराती है,
मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है……
सतवे नवरात्रों में, खोल देती खजाने है,
अठवे नवरात्रों से, लग जाती लूटाने है,
नव्वे नवरात्रों में, दोनो हाथो से लुटाती है,
मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है…….
दसवे दिन माता की, बिदाई जब आती है,
धरती के लोगो की, आँखे भर आती है,
रामा फिर आउंगी, वादा करके चली जाती है,
मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है……..
इक हार बणा सोहना नी में माई दे गल विच पावां,
बुहा खोल पुजारिया वे नी मैं माई दा दर्शन पावां,
हाथ भगत दे गंगाजल लोटा ले मंदिर वल जावां,
बुहा खोल पूजारिया वे नी मैं माई ने स्नान करावां,
हाथ भगत दे तिलक कटोरी ले मंदर वल जावां,
बुहा खोल पुजारिया वे नी मैं माई नु तिलक लगावां,
हाथ भगत दे फूलां दा टोकरा ले मंदर वल जावां
बुहा खोल पुजारिया वे नी मैं माइ नू भेट चढ़ावा
हाथ भगत दे मोली दा कंगना ले मंदर वल जावां
बुहा खोल पूजारिया वे नई मैं माई दे अंग लगावां
हाथ भगत दे पान सुपारी ले मंदर वल जावां
बुहा खोल पूजारिया वे नी मैं माई नु भेंट चढ़ावां
ले परिक्रमा मंदर चुफ़ेरे तेरे मंदरा दे बेड़े
बुहा खोल पूजारिया वे नी मैं माई नू शिश झुकावां
इक हार बणा सोहणा...........
शेरां वाली दे जदों नराते आए,
जोतां वाली दे जदों नराते आए
चिंता पुरणी दे जदों नराते आए
संगतां ने मां दर तेरे ते रज्ज रज्ज दर्शन पाए...
शेरां वाली दे, जदों नराते...
दरज़ी बन के दर ते आवां मां दा चोला सीं के लियावां।
आपणी मां नूं चोला पावां।
दिल बाग़ बाग़ हो जाए...
शेरां वाली दे, जदों नराते...
माली बन के दर ते आवां, मां दे लई मैं हार लियावां।
आपणी मां दे गळ विच पावां।
दिल बाग़ बाग़ हो जाए...
शेरां वाली दे, जदों नराते...
पुजारी बन के दर ते आवां मां आपणी दियां भेंटां गावां।
मां आपणी नूं, कोल बिठावां।
दिल दा हाल सुनावां...
शेरां वाली दे, जदों नराते...
सुनियारा बन के दर ते आवां मां आपणी दा टिका बनावां।
महांराणी दा श्रृंगार करके..
दिल बाग़ बाग़ हो जाए...
शेरां वाली दे, जदों नराते...
हलवाई बन के दर ते आवां हलवा पूरी मैं बनावां।
मां आपणी नूं, भोग लगावां।
दिल बाग़ बाग़ हो जाए...
शेरां वाली दे, जदों नराते...
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी….
बड़ा न्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
भगतो की लगी है कतार भवानी
ऊँचे पर्वत भवन निराला,
आके शीश नवावे संसार भवानी
तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी …
जग मग जग मग जोत जगे है,
तेरे चरणों में गंगा की धार भवानी
तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी …
लाल चुनरिया लाल लाल चूड़ा,
गले लाल फुलोंके सोये हार भवानी
तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी
बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ….
सावन महीना मैया झूला झूले,
देखो रूप कंजको का धार भवानी
तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ….
पल में भरती झोली खाली,
तेरे खुल्ले दया के भंडार भवानी
तेरे भगतो की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ….
भक्तों को है तेरा सहारा माँ,
कर दे अपने भक्तों का बेड़ा पर भवानी
तेरे भगतो की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ….
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल, तेरे माँ लाडले आऐ हैं ll
माँ तेरे, खज़ाने से कुछ मांगने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल, तेरे माँ लाडले आऐ हैं ll
कहदो माँ भैरों बाबा से, हमको वो ना रोके ll
सिंह वाहिनी शेर से कहदो, भक्तों को ना टोके ll
नौकर बन माँ, तेरा आंगना , बुहारने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
आज ना जाएंगे मईया, हम तेरे दर से ख़ाली ll
तूँ मईया तो हम भी तेरे, लाल हैं शेरोंवाली ll
तेरे लाल माँ, तेरी ममता , पाने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,
तेरे होते हुए ओ मईया, और किधर क्यों जाऐं ll
माँ के सिवा ना बेटों पे, कोई ममता बरसाए ll
आज सवाली, दर्शन तेरे , पाने आऐ हैं,,,
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
द्वार दया का ख़ोलो अब तो, हे अम्बे महाँरानी ll
आंचल की छाया दे कर, कल्याण करो कल्याणी ll
हम आरती, माँ तेरी , उतारने आऐ हैं
मेरी माँ दरवाजा ख़ोल,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
शेर की सवारी कर आना मेरी दुर्गे भवानी,
दुर्गा भवानी मेरी अंबे भवानी,
शेर की सवारी कर आना मेरी दुर्गे भवानी,
लाल लाल चुनरी मां ओढ़ के आना
सोलह सिंगार मैया भूल नहीं जाना
सुंदर झलक दिखाना मेरी अंबे भवानी
दुर्गा भवानी मेरी अंबे भवानी ,
शेर की सवारी कर आना ...
बजरंगी को मैया साथ ले आना
भैरव को भूल मत जाना
कीर्तन के शोभा बढ़ाना मेरी अंबे भवानी
दुर्गा भवानी मेरी अंबे भवानी,
शेर की सवारी कर आना ...
सुख समृद्धि मैया लेकर आना
ज्ञान और शक्ति मैया भूल नहीं जाना
वरदान हमको भी देना मेरी अंबे भवानी
दुर्गा भवानी मेरी अंबे भवानी, शेर की सवारी कर आना ...
कष्टों को हरना मां मंगल करना
भक्तों की झोली मां खुशियों से भरना
बिगड़ी मां सबकी बनाना मेरी दुर्गे भवानी
दुर्गा भवानी मेरी अंबे भवानी, शेर की सवारी कर आना …
नैन तेरे माँ नैना देवी , चरन तेरे चिंतापूर्णी
धड तेरा माँ दिल काँगडे , ज्योता जगदीया ज्वालामुखी
किने किने मैया तेरा भवन बन्नाया ,
किने चंवर झुलायो माँ ,
धड तेरा माँ दिल काँगडे
पंज पंज पांडवा ने भवन बनाया ,
अर्जुन चोर झुलायो माँ ,
धड तेरा माँ दिल काँगडे
हथ में गडवा गंगा जल पानी ,
अश्नान करावन आयो माँ ,
धड तेरा माँ दिल काँगडे
हथ में गर्मी फुला न भरनी ,
हार पेहनावन आयो माँ ,
धड तेरा माँ दिल काँगडे
हाथ रे भी थाल जलेबी ,
भोग लगावन आयो माँ ,
धड तेरा माँ दिल काँगडे
मईया मैं तेरी पतंग, मईया मैं तेरी पतंग।। हवा विच उडदी जावांगी,
मईया डोर हथों छड्डी ना, मैं कट्टी जावांगी।
मईया मैं तेरी पतंग, मईया मैं तेरी पतंग।
बड़ी मुश्किल दे नाल मिलया मैनु तेरा द्वारा ए मईया तेरा द्वारा ए।।
मैनु इको तेरा आसरा, नाले तेरा सहारा ए, मईया तेरा सहारा ए। -
हून तेरे ही भरोसे मईया तेरे ही भरोसे।
हवा विच उडदी जावांगी, हवा विच उडदी जावांगी।
मईया डोर हथों छड्डी ना, मैं कट्टी जावांगी।।
मईया मैं तेरी पतंग, मईया मैं तेरी पतंग......
इहना चरणा कमलां नालो, मैनु दूर हटाई ना, मईया दूर हटाई ना।।
इस झूठे जग्ग दे अंदर, मेरा पेचा लायी ना, मईया पेचा लायी ना।
जे कट गई ता मईया, जे कट गई ता मईया।
फिर मैं लुट्टी जावांगी, फिर मैं लुट्टी जावांगी।
मईया डोर हथों छड्डी ना, मैं कट्टी जावांगी।।
मईया मैं तेरी पतंग.......
फुल बरसांदी आवां दातिये,
रंग बरसांदी आवां दातिये,
बाण गंगा फुल बरसांवा,
हो रज रज डुबकियाँ लावां दातिये,
फुल बरसादी....
हो चरण पादुका फुल बरसांवा,
चरणीं शीश नवामां दातिये,
फुल बरसादी..
अध क्वारी फुल बरसांवा,
हो गर्व जून लंग जावां दातिये,
फुल बरसादी......
हाथी मत्था फुल बरसांवा,
हो चढ़ के चढ़ाईयां आवां दातिये,
फुल बरसादी......
मां दे भवन ते फुल बरसांवा,
मंगियां मुरादां पावां दातिये,
फूल बरसांदी......
बोलते चलो बोलते चलो शेरावाली के जयकारे बोलते चलो
ये बिंदिया माँ तेरी बिंदिया
सारे भक्तों की ले गई निंदिया,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।
ये कंगना माँ तेरा कंगना
कब आओगी मेरे अंगना,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।
ये चुनियाँ माँ तेरी चुनियाँ
तुझे पूजे सारी दुनिया,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।
ये झुमके माँ तेरे झुमके
सारे भक्त लगा रहे ठुमके,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।
ये पायल माँ तेरी पायल
मेरे दिल को कर गयी घायल,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।
ये चोला माँ तेरा चोला
आज जयकार मैं भी बोला,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।
ये मेवा मिशरी मेवा
सारी उमर करूँ मैं तेरी सेवा,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो।
ये द्वारा माँ तेरा द्वारा
मुझे लागे सबसे प्यारा,
जयकारे माँ के बोलते चलो जयकारे माँ के बोलते चलो। ,
बोलते चलो
जोर से बोलो जै माता दी सारे बोलो जै माता दी
गुफा के अंदर माँ तेरा मंदिर,
जगमग ज्योति जले ,
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है,
गुफा के अंदर माँ तेरा मंदिर.......
सुन सुनहरा मंदिर मां का
प्यारा भेष नूरानी
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है
गुफा के अंदर माँ तेरा मंदिर.......
ऊंचेया पहाड़ा बीच मंदिर तेरा
गुफ़ा के अंदर माँ
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है
गुफा के अंदर माँ तेरा मंदिर....
जुग जुग जीवे तेरा जम्मूए दा राजा
जिसने तेरा मंदिर बनाया
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है
सोने की गढ़वी में गंगाजल पानी...
चरण धुलाने आ,
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है
घिस घिस चंदन भरुआ कटोरा
तिलक लगाने आ,
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है
चुन चुन कलियां हार बनाया.
हार पहनने आ,
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है
चांदी की थाली में माखन मिश्री
भोग लगाने आ,
हो मां.. ओ शेरावाली मां,
मुझे तेरा सहारा है
गुफा के अंदर माँ तेरा मंदिर,
जगमग ज्योति जले
ओ माँ मुझे तेरा सहारा है
करले तू दीदार शेरों वाली का,
सेवक है संसार पहाड़ो वाली का
डगर डगर माँ के जयकारे,
पग पग में ज्योति के नज़ारे,
कदम कदम दरबार शेरों वाली का
सेवक है संसार ज्योतों वाली का
करले तू दीदार...
देख चढाई रुक नहीं जाना,
जय माता की कहते जाना,
रास्ता है दुश्वार शेरों वाली का
सेवक है संसार लाटां वाली का
करले तू दीदार...
माँ चरणों के मतवालों से,
पूर्ण माँ अपने लालों से,
माँ जैसा है प्यार शेरों वाली का
सेवक बन जा यार पहाड़ों वाली का
करले तू दीदार...
लाखों सोए भाग जगाए,
अपने खज़ाने माँ ने लुटाएं,
पर कम न हुआ भंडार शेरों वाली का
सेवक है संसार ज्योतों वाली का
करले तू दीदार...
भक्तों के दुःख हर लेती माँ,
सब की झोली भर देती माँ,
भक्त है सेवादार शेरों वाली का
सेवक है संसार पहाड़ो वाली का
करले तू दीदार...
दे चरणां दा प्यार माये नी सानु रख लै सेवादार
तेरे भवन ते मां करां नौकरी, तेरे मंदिर ते..
तेरे भवन ते मां करां नौकरी, सद लै तू इक वार माये जी मैनू
दे चरणां दा प्यार
भक्ता दे नाल मैं भेंटा गांवा इक पल वी न सोवां,
अमृत वेले मंदिर तेरा पलकां नाल मैं धोवां,
बागा विचो फुल तोड़ के, बागा विचो फुल तोड़ के ..
गुन्दा सोने हार,
दे चरणां दा प्यार माये नी सानु रख लै सेवादार
हार श्रृंगार मैं करके तेरियाँ पिंडियाँ रोज सजावाँ,
अतर गुलेला छिडकान नाले मंदरान नु मह्कावान
जोत जगा के करां आरती , जोत जगा के करां आरती ,
बन के ताबेदार
दे चरणां दा प्यार माये नी सानु रख लै सेवादार
भगत तेरे मां दर ते आके रोज़ करन अरदासां
मिट जावन बच्च्याँ दियां तेरे जनम जनम दियां प्यासां,
तन मन हो जाये रोशन मेरा, तन मन हो जाये रोशन मेरा,
खुले करां दीदार
दे चरणां दा प्यार माये नी सानु रख लै सेवादार
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
पैरी पवा के छाले मै ताँ आ गया तेरे कोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
दर्द तो खाली तेरे जेहा ना प्यार किथे ना लभे,
जिस पासे वी नजर घुमावां जान दे वैरी सबे,
मै निर्बल कमजोर बङा माँ हो गया डावांडोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
मै सुनया सब खैरा ले गये तेरे पावन दर तो,
हे दुनिया दीऐ दातीऐ मैनु ऐंवे ना मोङी दर तो,
कोई बहाना कर के वेखी करी ना टाल मटोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
दुखहरनी दुख मुसीबत तेरे ही हरेया हरदे,
निगाह सवंली होवे जे तेरी तां पत्थर वी तरदे,
वडंदे खजाना मेहर दा हुण वी द्वार दया दा खोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
तू मेरी मै तेरा भवानी फर्क भला है किथे,
असीं वी ओस थाँ क्यो ना रहीऐ तू माँ वसदी जिथे,
जी करदा निर्दोश बै के दुख सुख लईऐ खोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
पैरी पवा के छाले मै ताँ आ गया तेरे कोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
माँ दी मुरतीऐ हँस के मेरे नाल बोल,
